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उत्तराखंड : जंगलों में लगी आग की समस्या के बीच पहाड़ों में बढ़ी पेयजल किल्लत, मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
Fri, 16 Apr 2021 02:25 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 16 Apr 2021 02:25 PM IST
सार
पेयजल मंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के जंगलों में लगी आग की समस्या के बीच तेजी से पहाड़ों में पेयजल की किल्लत बढ़ने लगी है। पौड़ी, टिहरी और अल्मोड़ा के कई इलाकों में लोग पानी को तरस रहे हैं। पेयजल मंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
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पौड़ी के कल्जीखाल ब्लॉक के अस्वालस्यूं पट्टी के दर्जनों गांवों में पीने के पानी की बेहद किल्लत हो रही है। बगवानु, बेटी, बकरोली, हिटोली, सीरो, नावा, कोटि, बलूनी गांव, सिरवल गांव, कांडा सहित तमाम गांवों के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। यहां न लोगों के लिए पेयजल है और न ही जानवरों को पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
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इस बार सर्दियों में बारिश कम होने की वजह से प्राकृतिक स्त्रोतों से भी पानी गायब है। टिहरी के भी कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। पानी की इस किल्लत को फौरी तौर पर दूर करने के लिए पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने खच्चरों या टैंकरों से पानी पहुंचाने की कोशिश तो शुरू की, लेकिन वह ज्यादा कारगर नहीं हो पा रही है।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने बताया कि उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। पेयजल निगम और जल संस्थान की मदद से सभी जगहों को चिह्तिन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां तक संभव होगा, सभी जगहों पर पानी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। तत्काल हो रही परेशानी को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।