फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand news: Devasthanam Board and Chardham Yatra protest

देवस्थानम बोर्ड और चारधाम यात्रा विरोध: सीएम से नाराज हुए तीर्थ पुरोहित, कांग्रेस भी मुखर 

Sat, 25 Jul 2020 09:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 25 Jul 2020 09:04 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand news: Devasthanam Board and Chardham Yatra protest
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : File Photo

चारधाम यात्रा को लेकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को बैठे बिठाए एक और आफत मोल ले ली। सीएम ने  देवस्थानम बोर्ड और चारधाम यात्रा का विरोध करने वाले तीर्थ पुरोहितों को कांग्रेसी बता दिया। इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं तीर्थ पुरोहित और नाराज हो गए है।  

विज्ञापन


इसमें तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी सरकार को ज्यादा असहज करने वाली है। तीर्थ पुरोहित सरकार से पहले से ही नाराज हैं। इनका कहना है कि सरकार उनको विश्वास में लिए बिना ही फैसले कर रही है। सरकार के स्तर पर तीर्थ पुरोहितों से बातचीत चारधाम विकास परिषद या फिर अधिकारियों के जरिये हो रही है। चारधाम विकास परिषद को लेकर भी तीर्थ पुरोहित पहले से ही नाराजगी जता चुके हैं। इसके साथ ही उनका आरोप है कि अधिकारी उनकी बात को सरकार तक पहुंचा ही नहीं रहे हैं। 
विज्ञापन


सीएम बौखलाकर, बिना विचार किए बोल रहे हैं। कांग्रेसी होना गर्व की बात है। देवस्थानम बोर्ड की लड़ाई को सीएम अपनी निजी लड़ाई मान कर चल रहे हैं। खुद बीजेपी के कई लोगों ने देवस्थानम बोर्ड का विरोध जताया है। सीएम इसलिए भी विरोध करने वाले तीर्थ पुरोहितों को कांग्रेसी बता रहे हैं क्योंकि खुद उनके सांसद अजय भट्ट भी देवस्थानम बोर्ड पर सवाल उठा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सूर्यकांत धस्माना, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष

चारों धामों के तीर्थ पुरोहित भाजपा, संघ के लोग हैं
सीएम से यह पूछा जाए कि जब वे संगठन मंत्री थे तो मैं टिहरी में जिला महामंत्री था। मैं करीब आठ सरस्वती विद्या मंदिरों का व्यवस्थापक भी रहा हूं। बताएं कि मैं कैसे कांग्रेसी हो गया। चारों धामों के अधिकतर तीर्थ पुरोहित और अन्य 51 मंदिरों के लोग संघ और भाजपा के हैं। कांग्रेसी तो पूर्व सीएम हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह हैं। हम विरोध इसलिए कर रहें हैं क्योंकि आपने हमारा साथ दिया ही नहीं। - कृष्ण कांत कोटियाल, अध्यक्ष, चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूक धारी महापंचायत

कैसे पड़ी विरोध की नींव

- प्रदेश सरकार ने पहले चारों धामों के प्रबंधन के लिए देवस्थानम अधिनियम लेकर आई और देवस्थानम बोर्ड घोषित किया। इसका तीर्थ पुरोहितों ने विरोध जताया और भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी से केस लड़ने का आग्रह किया। स्वामी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। 
- तीर्थ पुरोहितों के इस विरोध के बीच में प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए पहले स्थानीय, फिर प्रदेश और अब अन्य राज्यों के लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी गई। तीर्थ पुरोहितों ने इसका भी विरोध किया और कांग्रेस ने खुलकर समर्थन दिया। कांग्रेस का समर्थन मिलने का तीर्थ पुरोहितों ने भी स्वागत किया। 
- हाईकोर्ट ने स्वामी की याचिका खारिज कर दी। इससे प्रदेश सरकार के आत्मविश्वास में इजाफा हुआ।

चार धाम : दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू करने का विरोध

उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच देवस्थानम बोर्ड की ओर से बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए सशर्त चार धाम यात्रा शुरू करने के निर्णय का केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने पुरजोर विरोध किया। कहा, देवस्थानम बोर्ड के साथ सरकार पहाड़ में कोरोना संक्रमण बढ़ाने का काम कर रही है। धाम और पैदल मार्ग में सुविधाएं नहीं होने का भी मुद्दा उठाया।

केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला व महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को चार धाम जाने की अनुमति देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से स्थितियां सामान्य होने पर ही यात्रा संचालन की मांग की। सभा ने आंदोलन की भी चेतावनी दी।

वहीं, श्री बदरीश युवा पुरोहित संगठन ने भी चार धाम यात्रा शुरू करने के फैसले का विरोध किया। संगठन ने आक्रोश जताते हुए कहा, एक ओर सरकार यात्रा शुरू कर रही है, वहीं बदरीनाथ पंडा पुरोहित समाज को धाम स्थित अपने घरों तक जाने की अनुमति नहीं दे रही।

विरोध करने वाले तीर्थपुरोहित नहीं कांग्रेस के पदाधिकारी : सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा सभी के लिए खोले जाने का तीर्थ पुरोहित विरोध नहीं कर रहे हैं। विरोध करने वाले तीर्थ पुरोहित नहीं, बल्कि कांग्रेस के पदाधिकारी हैं।
 
मुख्यमंत्री सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि कोविड-19 महामारी के कारण तीर्थ पुरोहित चारधाम यात्रा खोले जाने का विरोध कर रहे हैं। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा, देखिये जो सामने आ रहे हैं, तीर्थपुरोहित नहीं कांग्रेस के पदाधिकारी हैं।

बार बार जो देखने में आ रहा है मैं नाम से उन्हें जानता हूं। मैं शक्ल से भी उन्हें जानता हूं। आज से नहीं बीसों साल से जानता हूं। तीर्थपुरोहित ऐसा नहीं कर रहे हैं। ये केवल कांग्रेस से जुड़े हुए कुछ लोग हैं, वही इस तरह की बातें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कई लोग कोविड से निकल चुके हैं। उनकी इच्छा है कि वे चारधाम यात्रा पर आएं।

इसलिए उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए चारधाम यात्रा को खोला गया है। हमें उम्मीद है कि लोग अवश्य यहां आएंगे। उनकी चारों धामों के प्रति श्रद्धा है, जिसे प्रकट करने वो यहां आएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed