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उत्तराखंड: प्रदेश में महिला नीति की कवायद को विभागों का ठेंगा, नहीं दिए सुझाव 

Thu, 07 Oct 2021 01:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 07 Oct 2021 01:28 PM IST
सार

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल ने कहा कि राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। यदि यह कहें कि आंदोलन में सबसे अधिक भागीदारी महिलाओं की थी तो गलत नहीं होगा, लेकिन राज्य गठन के 21 साल होने को हैं, इसके बावजूद उनके लिए कोई नीति नहीं है।

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uttarakhand news: Departments will defy exercise of women policy in state, no suggestions given
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश में महिलाओं के लिए पहली बार नीति बनेगी। राज्य महिला आयोग की ओर से इसकी कवायद की जा रही है, लेकिन आयोग की इस कवायद को विभाग ठेंगा दिखा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल के मुताबिक उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। महिलाओं के बिना अलग राज्य की प्राप्ति संभव नहीं थी, इसके बावजूद उनके लिए राज्य में कोई नीति नहीं है। उनके लिए नीति बनाई जा सके इसके लिए इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। आयोग ने सभी विभागों से इसके लिए दो महीने पहले सुझाव मांगे गए थे, लेकिन अब तक किसी भी विभाग का सुझाव नहीं मिला।

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उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल ने कहा कि राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। यदि यह कहें कि आंदोलन में सबसे अधिक भागीदारी महिलाओं की थी तो गलत नहीं होगा, लेकिन राज्य गठन के 21 साल होने को हैं, इसके बावजूद उनके लिए कोई नीति नहीं है। राज्य गठन के वर्षों बाद भी उनकी समस्याएं दूर नहीं हो पायी हैं।
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महिलाओं के लिए नीति बनेगी तो उनकी समस्याएं कुछ हद तक दूर हो सकेंगी। उनके कल्याण से संबंधी काम हो सकेगा। उनके कल्याण और विकास के कार्यों के साथ ही भागीदारी तय हो सकेगी। महिला आयोग की अध्यक्ष के मुताबिक प्रदेश की आधी आबादी के उत्थान के लिए भाषणों में काफी कुछ कहा जाता है, लेकिन राजनीति हो या अन्य क्षेत्र वास्तव में उनकी अनदेखी होती है। आयोग ने नीति का ड्राफ्ट बनाकर इसे सुझावों के लिए सभी विभागों को भेजा है। विभागों के सुझावों को इसमें शामिल किया जाएगा।       
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आयोग ने शिक्षा विभाग को दिए निर्देश 
राज्य महिला आयोग ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को दिए आदेश में कहा कि आयोग ने 28 जुलाई को शिक्षा विभाग से महिला नीति के ड्राफ्ट के संबंध में सुझाव मांगा था, लेकिन अब तक विभाग को कोई सुझाव नहीं मिला। आठ अक्तूबर को वेबिनार के माध्यम से सुझाव मांगे जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों को नामित किया जाए।   


वेबिनार के लिए विभाग ने चार अधिकारी किए नामित 
शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक आठ अक्तूबर को होने वाले वेबिनार के लिए एससीईआरटी की संयुक्त निदेशक कंचन देवराड़ी, संयुक्त निदेशक समग्र शिक्षा मंजू भारती, उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा कमला बड़वाल व उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा हेमलता भट्ट को नामित किया गया है। 

महिला नीति के ड्राफ्ट के लिए विभागों के सुझाव अब तक नहीं मिले, इस पर आयोग की ओर से विभागों को रिमाइंडर किया जाएगा।
-विजय बड़थ्वाल, अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग

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