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Rajnath Singh in Uttarakhand: शीश झुका लेंगे, लेकिन नहीं टूटने देंगे नेपाल से रिश्ते - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Wed, 15 Dec 2021 08:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 15 Dec 2021 08:22 PM IST
सार

Defence Minister rajnath singh will do bhumi pooja today: सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैन्यधाम के रूप में उत्तराखंड का पांचवां धाम विकसित किया जाएगा जिसमें प्रदेश के शहीदों की यादों को संजोकर रखा जाएगा।

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uttarakhand news: Defence Minister Rajnath Singh will honor martyr families in Sainya dham today, name will be given on Bipin Rawat
सैन्यधाम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : एएनआई

विस्तार

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भले ही कुछ लोग कोशिशें करते रहें लेकिन वह नेपाल से अपने रोटी-बेटी के रिश्ते को टूटने नहीं देंगे। भले ही इसके लिए शीश झुकाना पड़ जाए। बुधवार को देहरादून में सैन्य धाम के भूमि पूजन और शहीद सम्मान यात्रा समापन पर राजनाथ सिंह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह घोषणा तो नहीं कर रहे लेकिन दिसंबर के अंत या जनवरी में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से पूर्व सैनिकों के हित में कई फैसले लेंगे। 

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हर युवा के लिए प्रेरणा बनेगा यह सैन्य धाम
गुनियाल गांव स्थित उत्तराखंड के पांचवे धाम सैन्य धाम की भूमि पूजन कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नेपाल से हमारे रोटी-बेटी के रिश्ते हैं। सांस्कृतिक रिश्ते हैं। कुछ ताकतें इन रिश्तों को खराब करना चाहती हैं। भले ही हमें अपना शीश झुकाना पड़े लेकिन नेपाल से अपने रिश्तों को टूटने नहीं दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सैन्य धाम हर युवा के लिए एक प्रेरणा बनेगा। 
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 मोदी सरकार ने आते ही सबसे पहले 40 साल से लटकी पूर्व सैनिकों की वन रैंक, वन पेंशन की मांग को पूरा किया। इसके बाद मैंने रक्षा मंत्री रहते हुए कई अहम फैसले लिए। 2006 से पहले रिटायर हवलदार को ऑनरेरी सूबेदार रैंक के हिसाब से रिवाइज पेंशन का लाभ नहीं मिलता था, हमने उन्हें लाभ दिया। शॉर्ट सर्विस कमीशन से सेना में आए अधिकारियों को सेवा से मुक्त होने के बाद रैंक की इजाजत हमने दी। 50 वर्षों से अटका नेवी, एयरफोर्स पेंशन रेगुलेशन रिवाइज करने का काम किया। बैटल कैजुअलिटी में दो लाख की रकम को बढ़ाकर आठ लाख किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 204 शहीद परिजनों को सम्मानित किया।
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भूमि-पूजन और शहीद सम्मान यात्रा का समापन हुआ। कार्यक्रम में रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि आज सैन्य सामानों के निर्यात में भारत का नाम दुनिया के शीर्ष-25 देशों में आ चुका है। यह आत्मनिर्भर भारत की मिसाल है। इस मौके पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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शहीद वही हो सकता है, जिसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री की उपब्लिधों को गिनाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देशों को भी दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी लेकर उत्तराखंड में सैन्य धाम बनेगा। शहीद वही हो सकता है, जिसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि होता है। छोटे मन के लोग यहां काम नहीं कर सकते। जब भारत में ब्रिटिश साम्राज्य था तो 14 और 18 साल के युवाओं ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। वह राष्ट्र भावना थी। चंद्रशेखर आजाद ने 26 साल में, अशफाक उल्ला खान ने 23 साल की उम्र में बलिदान दिया था। जब अशफाक से पूछा गया कि अंतिम इच्छा क्या है तो उन्होंने कहा कि मेरी मां को यह संदेश भिजवा देना कि आज उसका बेटा फांसी के तख्ते पर खड़ा होकर शादी कर रहा है।

हम दुश्मन को इस पार ही नहीं उस पार भी जाकर मार सकते हैं
रक्षामंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी देश कुछ न कुछ नापाक हरकतें करता रहता है। हम दुश्मन को इस पार ही नहीं उस पार भी जाकर मार सकते हैं। पहले अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, अब लिया जाता है। 

100 लाख करोड़ के गतिशक्ति मास्टर प्लान से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम ने गतिशक्ति मास्टर प्लान का उद्घाटन किया है, जिसकी लागत 100 लाख करोड़ है। इससे देश मे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो सकेगा। पिछले पांच साल में उत्तराखंड में विकास हुआ है, इसे कोई नकार नहीं सकता। आज सबसे बड़ी चुनौती कनेक्टिविटी की समस्या थी। रेल, रोड और हवाई कनेक्टिविटी की दिशा में काम हुआ है। ऑल वेदर रोड पर जो रुकावट थी, अब दूर हो गई है। ऑल वेदर रोड गढ़वाल और कुमाऊं को और करीब लाएगी। पर्यटन की दृष्टि से, आध्यात्मिक दृष्टि से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। ऑल वेदर रोड का सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि सीमा पर रहने वाले नागरिक हमारे स्ट्रेटेजिक असेट्स हैं।
 

देहरादून से दुनिया को निर्यात होगी नाइट विजन डिवाइस

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आने वाले दिनों में न केवल अपनी रक्षा जरूरतों का सामान यहां की धरती पर बनाएगा बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी हम रक्षा सामग्री बनाने जा रहे हैं। हाल ही में सरकार ने ओएफबी का कारपोरेटाइजेशन किया है और सात नई कंपनियां बनाई हैं। उनमें से एक इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड का मुख्यालय देहरादून में ही है। उन्होंने कहा कि अगले साल मार्च तक देहरादून में बनी नाइट विजन डिवाइस का निर्यात पूरी दुनिया के देशों को शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रक्षा मंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं। वह सैनिकों, पूर्व सैनिकों की भावनाओं से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि जनरल रावत के उत्तराखंड राज्य को लेकर बहुत सपने थे। हमारी सरकार उनके सारे सपनों के अनुरूप उनकी सभी आकांक्षाओं को पूरा करेगी। 

चुनाव के समय कांग्रेस को याद आ रहे सैनिक और शहीद
इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा सरहद पर खड़े रखवालों को, इस देश के पहरेदारों को मेरा सलाम है। सैन्य धाम पीएम मोदी की परिकल्पना और मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। देश की सेना की 17.5% पूर्ति उत्तराखंड करता है। हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि देश की सीमा पर कोई भी हमारे उत्तराखंड का जवान शहीद होगा तो हम उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे। वहीं सैनिक विश्राम गृह और शहीद द्वार के लिए अलग बजट जारी किया गया है। वन रैंक-वन पेंशन ने पूर्व सैनिकों को सम्मान बड़ा दिया है। 63 करोड़ की लागत से जब यह सैन्य धाम बन जाएगा तो देशभर के लोग इसे देखने आएंगे। कांग्रेस को अब तक शहीदों की याद नहीं आई। अब चुनाव के समय उन्हें सैनिक और शहीद याद आ रहे हैं। भाजपा चुनाव को देखकर नहीं, बल्कि दिल से लगातार काम करती है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस सैन्यधाम में इतने शहीदों के आंगन की मिट्टी लाना कोई आसान काम नहीं है। जब मैं मिट्टी को यहां पुष्प अर्पित कर रहा था तो मैंने उसे अपने माथे पर लगाया। उत्तराखंड की महान परंपरा के वाहक जनरल बिपिन रावत के जाने से हमारे देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है। यह बेहद दुखद है। अपनी बड़ी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए वह प्रयत्न कर रहे थे। वह सबके दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। 

कहा कि पीएम मोदी ने बाबा विश्वनाथ को गौरवमयी स्वरूप प्रदान किया है। भारत अपनी संस्कृति से जुड़ा रहे, यह हमारा ध्येय है। कहा कि यह सैन्य धाम केवल एक भवन या स्मारक तक सीमित न हो, बल्कि सभी शहीदों के नाम यहां दीवारों पर अंकित किए जाए। यहां ऑनलाइन भी श्रद्धांजलि की सुविधा होनी चाहिए। ताकि देश के दूसरे कोने में बैठा भारतीय भी श्रद्धांजलि अर्पित कर सके। 40 साल से वन रैंक-वन पेंशन की मांग की जा रही थी, लेकिन मोदीजी ने पीएम बनते ही इसे लागू कर दिया। अब शार्ट सर्विस कमीशन से सेवानिवृत्त अधिकारी भी अपनी रैंक का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिसंबर के अंत तक या जनवरी के शुरू तक पूर्व सैनिकों के लिए कुछ और घोषणाएं की जाएंगी। पूर्व सैनिकों की पेंशन के मामले अब लटके नहीं रहेंगे।

हरबंस कपूर के घर पहुंचे राजनाथ सिंह, बोले आप विरासत संभालो

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को कैंट क्षेत्र के विधायक स्व. हरबंस कपूर के आवास पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। करीब आधे घंटे तक उन्होंने हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर और पुत्र अमित कपूर से बातचीत की। बाद में लौटते हुए उन्होंने अमित कपूर से कहा कि वह अपने पिता की विरासत को संभालें। बुधवार को घर पर पहुंचकर उन्होंने कई संस्मरण साझा किए। करीब 15 मिनट तक वह घर पर रुके रहे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हरबंस कपूर के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश के जमाने से लेकर अब तक काम किया। कपूर जनता के बीच बेहद सक्रिय थे।

विकास कार्यों के लिए वह पूरी तरह समर्पित थे। उन्होंने जो विकास के पैरामीटर सेट किए हैं, वो अन्य सभी के लिए एक चैलेंज हैं। उन्होंने कहा कि उनके जो अधूर काम रह गए हैं, उनको पूरा किया जाए। अमित कपूर के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि जनता को किसी भी तरह यह नहीं लगना चाहिए कि कोई गैप आया है। देर शाम को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हरबंस कपूर उनके शुरूआती दिनों के साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपूर जिस तरह जनता के बीच रहकर काम करते, वह कम ही लोगों में देखने को मिलता है। उन्होंने राजनीति में उच्च मानदंड स्थापित किए हैं।

उत्तराखंड का पांचवां धाम
सैन्यधाम के रूप में उत्तराखंड का पांचवां धाम विकसित किया जा रहा है। जिसमें प्रदेश के शहीदों की यादों को संजोकर रखा जाएगा। सैन्यधाम के लिए 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी को लाया गया है। जिसे अमर जवान ज्योति की बुनियाद में लगाया जाएगा। सैन्यधाम के शहीद द्वार का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा।

63 करोड़ की लागत से बनने वाले सैन्यधाम में शहीद जसवंत सिंह और हरभजन सिंह के मंदिर बनाए जाएंगे। धाम में अमर जवान ज्योति, म्यूजियम, थियेटर, गन, टैंक प्रमुख आकर्षण का केंद्र होंगे। 15 नवंबर 2021 को चमोली के स्वाड गांव से शहीद सम्मान यात्रा शुरू की गई थी। जिसका गुनियाल गांव में आज बुधवार को समापन होगा। 

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस यात्रा का शुभारंभ किया था। शहीद सम्मान यात्रा के जरिये 95 ब्लॉकों के 1734 शहीद परिवारों से संपर्क कर उनके आंगन की मिट्टी को पवित्र कलश में यहां लाया गया है। 50 बीघा में बनने वाला धाम दो साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। यहां भी अखंड ज्योति प्रज्वलत रहेगी।

सैन्यधाम के लिए रास्ते का मामला सुलझा 
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैन्यधाम के लिए रास्ते के मामले को सुलझा लिया गया है। करीब चार सौ मीटर तक अन्य लोगों को भी रास्ते पर अधिकार दिया जाएगा। जबकि इसके आगे का रास्ता सैन्यधाम का निजी रास्ता होगा। मंत्री ने कहा कि रास्ते में अन्य लोगों की साढ़े आठ बीघा जमीन आ रही है। इसके बदले उन्हें दूसरी जगह जमीन दी जाएगी। इसके लिए उन लोगों की सहमति ले ली गई है।

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