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रक्षा मंत्री ने किया उत्तराखंड के आठ पुलों का वर्चुअल उद्घाटन, कहा- चीन और पाकिस्तान सीमा पर तनाव कर रहे पैदा
Mon, 12 Oct 2020 07:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 12 Oct 2020 07:56 PM IST
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Defence Minister Rajnath Singh
- फोटो : ANI
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा पर चीन और पाकिस्तान एक मिशन के तहत तनाव पैदा कर रहे हैं। दोनों देशों के साथ करीब सात हजार किमी लंबी सीमा के किसी न किसी सेक्टर में तनाव रहता है। उन्होंने यह बात सड़क सीमा संगठन (बीआरओ) के बनाए गए 44 पुलों के लोकार्पण अवसर पर कही।
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रक्षा मंत्री ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तराखंड समेत सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बनाए गए 43 पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया। राजनाथ ने इन पुलों को कनेक्टिविटी और विकास में एक नए युग की शुरुआत करार दिया। उन्होंने अरुणांचल प्रदेश के तवांग मार्ग में नेचीफु सुरंग की आधारशिला भी रखी। रक्षा मंत्री ने बीआरओ की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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राष्ट्र को समर्पित किए गए पुलों में उत्तराखंड में आठ, अरुणांचल प्रदेश में आठ, हिमाचल प्रदेश में दो, जम्मू कश्मीर में 10, लद्दाख में आठ, पंजाब में चार और सिक्किम में चार पुल शामिल हैं। इन 44 पुलों का कुल स्पान 3506 मीटर है। उत्तराखंड के आठ पुलों का कुल स्थान 390 मीटर है।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में देश न केवल दृढ़ता के साथ मुकाबला कर रहा है बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव आ रहे हैं। अटल टनल रोहतांग इसका जीता जागता उदाहरण है।
देश में कोविड-19 में सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान व चीन के साथ हमारी बड़ी सीमा मिलती है, जहां तनाव बना रहता है। इन पुलों के बनने से स्थानीय आकांक्षाओं की पूर्ति होगी और सेना तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में मदद मिलेगी। सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में इनकी बड़ी उपयोगिता है। इससे दूरदराज के क्षेत्र, विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने बीआरओ की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 4-5 वर्षों में बीआरओ के बजट को लगभग तीन गुना किया गया है। हमें इसके परिणाम भी देखने को मिले हैं।
सभी पुलों का सामरिक महत्व : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इन सभी पुलों का सामरिक दृष्टि से तो महत्व है ही, स्थानीय लोगों को भी इसका बहुत लाभ मिलेगा। उत्तराखंड में बनाए गए पुलों से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुविधा होगी। इनका क्षेत्र की आर्थिकी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पिथौरागढ़ में पुलों की लंबे समय से मांग थी और सपना जैसा लगता था। आज क्षेत्रवासियों का ये सपना साकार हुआ है।
ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में कम समय में पुलों का उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और बीआरओ की कुशलता को बताता है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह, किरन रिजिजू, सांसद अजय टम्टा, सीडीएस विपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, डीजीपी बीआरओ हरपाल सिंह सहित संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल व मंत्री, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।