हरिद्वार: सीएम ने किया मेला और बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल का निरीक्षण, कहा- कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने को हम तैयार
सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। उत्तराखंड इससे निपटने के लिए तैयार है। जिले से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को मेला और बाबा बर्फानी कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कोरोनाकाल में चिकित्सकों और स्टाफ की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पीपीई किट पहनकर मेला और बाबा बर्फानी अस्पताल पहुंचे। दोनों ही अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक एवं जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मरीजों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों ने खुद की जान की परवाह किए बगैर लोगों की जिंदगियां बचाई हैं। तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी है और उससे जंग जीत गए हैं। संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं। चिकित्सा व्यवस्था को उच्चस्तरीय बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अस्पतालों के अलावा सीएचसी में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। दूसरी लहर में ही अस्पतालों में ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड क्षमता महज डेढ़ महीने में दस गुना तक बढ़ाई गई है। तीसरी लहर में संक्रमित मरीज के साथ एक तीमारदार के रुकने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आसपास के होटलों या अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के इलाज में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं है। 15 हजार इंजेक्शन आ गए हैं। इस दौरान गन्ना विकास राज्य मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक प्रदीप बत्रा, पुष्कर सिंह धामी, देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
आयुष्मान कार्डधारक को मिला लाभ
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां आयुष्मान कार्डधारकों को कोविड में इलाज सुविधा मिली है। कोई भी अधिकृत अस्पताल मरीज का इलाज करने से इनकार नहीं कर सकता है। यदि कोई शिकायत आती है तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा पर होगा विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं से जुड़ी है। उत्तराखंड में दूसरी लहर कमजोर पड़ी है, लेकिन बाकी प्रदेशों की स्थिति उत्तराखंड जैसी नहीं है। उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर विचार किया जाएगा।
वैक्सीनेशन और टेस्टिंग बढ़ाएं : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मेला नियंत्रण भवन सभागार में समीक्षा बैठक भी की। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मुख्यमंत्री को कोविड-19 और आपदा के क्षेत्र में होने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए अधिक से अधिक टेस्टिंग और वैक्सीनेशन कराएं। वैक्सीनेशन को लेकर कहीं कोई भ्रम की स्थिति है तो जागरूकता अभियान चलाएं। तीरथ सिंह रावत ने सभी विभागों के अधिकारियों को मानसून में बाढ़ आदि आपदाओं के लिए अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आईटीसी की ग्रीन टेंपल योजना का भी शुभारंभ किया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, विधायक खटीमा पुष्कर धामी, सुरेश राठौर, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, देशराज कर्णवाल, अमीलाल वाल्मीकि, अम्बरीश गर्ग, एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, सीडीओ सौरभ गहरवाल, सीएमओ डॉ. एसके झा मौजूद रहे।
लाखों की योजनाओं का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में 970.74 लाख रुपये लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखंड हरिद्वार द्वारा ईवीएम और वीवीपैट गोदाम का निर्माण (लागत रुपये 394.56 लाख), जिला योजना के अंतर्गत विकासखंड रुड़की में कार्यालय भवन का निर्माण कार्य (लागत रुपये 90.14 लाख), ग्रामीण सड़कें एवं ड्रेनेज विभाग के अंतर्गत ग्राम नागल से अबुलहसनपुर तक सड़क निर्माण कार्य (लागत रुपये 328.63 लाख), रमसा योजना के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज सिकंदरपुर भैंसवाल में तीन कक्षा कक्ष, एक बालक एवं दो बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रुपये 69.39 लाख), रमसा योजना के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज शहीद एमएस गैंडीखाता में दो कक्षा कक्ष, बालक शौचालय एवं दो बालिका शौचालय का निर्माण (लागत रुपये 50.76 लाख) और रमसा योजना के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में दो कक्षा कक्ष का निर्माण (लागत रुपये 37.26 लाख) का लोकार्पण किया।
नाकाफी थीं कोरोना से निपटने की हमारी तैयारियां
उन्होंने कहा कि मार्च में जब कोरोना का पहला मामला आया, उसके बाद अस्पतालों का निर्माण, ऑक्सीजन आपूर्ति, आईसीयू, वेंटिलेटर, पीपीई किट, सैनिटाइजर व दवा उत्पादन, एंबुलेंस समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी काम हुआ।
सरकार ने बीमारी से निपटने के लिए सभी तरह के प्रयास किए। इसका असर भी दिखा और एक समय कोरोना से होने वाली मृत्यु संख्या शून्य पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि हमारी लापरवाही के कारण दूसरी लहर तेजी से फैली। अब तीसरी लहर की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से निपटने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अहम होगी।
वन्य जीव संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस सत्य कुमार ने कहा कि हमें ऑनलाइन कार्यों को बढ़ावा देने वाली संस्कृति विकसित करनी होगी। इस दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एचसी पुरोहित, प्रो. हर्ष डोभाल, स्वीडन में भारत के पूर्व राजदूत अशोक सज्जन हार, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. ओपीएस नेगी, केडी पुरोहित, डॉ. एसपी सती, प्रो. कुसुम अरुणाचलम, डॉ. ऋषिकेश, डॉ. मंगल सिंह मौजूद रहे।