{"_id":"6360a064c013b566b15f8345","slug":"uttarakhand-news-cm-pushkar-singh-dhami-inspection-in-hmt-factory-haldwani","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: हल्द्वानी पहुंचे सीएम धामी, एचएमटी में संभावनाएं देखीं, एसटीएच की नब्ज टटोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: हल्द्वानी पहुंचे सीएम धामी, एचएमटी में संभावनाएं देखीं, एसटीएच की नब्ज टटोली
Tue, 01 Nov 2022 10:23 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 01 Nov 2022 10:23 PM IST
सार
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने रानीबाग और हल्द्वानी में स्थित एचएमटी की बहुप्रतिक्षित 45.33 एकड़ भूमि 72 करोड़ दो लाख 10 हजार रुपये की रिजर्व प्राइज पर उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित की थी।
विज्ञापन
सीएम ने किया एचएमटी फैक्टरी का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को एचएमटी फैक्टरी और एसटीएच का निरीक्षण किया। सीएम फैक्टरी की स्थापना से लेकर बंद होने तक के कारणों के बारे में विस्तार जानकारी ली। इसके बाद वे एसटीएच के औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां रोगियों का हाल जानने से लेकर डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी हासिल की।
विज्ञापन
सीएम ने एचएमटी फैक्टरी के निरीक्षण के बाद कहा कि मास्टर प्लान बनाकर क्षेत्र का विकास किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को लाभ मिले। उन्होंने मंडलायुक्त और डीएम से संभावनाओं को लेकर बातचीत भी की है। इस दौरान एचएमटी के पूर्व कर्मचारी भी मांगों को लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि 146 कर्मचारी है, जिनको वीआरएस नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
वे पीएफ भी नहीं निकाल पा रहे हैं जिससे आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अनुरोध किया किया कि जिस दिन से फैक्टरी बंद (वर्ष-2016) हुई है उस दिन से वीआरएस दिला दिया जाए। पूर्व कर्मचारियों ने कहा कि प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण मुश्किल का सामना कर रहे हैं। सीएम ने मामले में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
विज्ञापन
अस्पताल के लिए जो चाहिए, उसका प्रस्ताव बनाकर भेजें
एचएमटी निरीक्षण के बाद सीएम पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अनिल डब्बू के आवास पर पहुंचे थे। इसके बाद वे अचानक सुशीला तिवारी अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उन्होंने पंजीकरण काउंटर, ओपीडी को देखा। इसके बाद कैंटीन पहुंचकर खाने की गुणवत्ता को परखा। अस्पताल के डेंगू वार्डों का निरीक्षण किया और रोगियों से पूछताछ की।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि चिकित्सालय के लिए जिन वस्तुआें की आवश्यकता है उनका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजें ताकि कार्यों के लिए शीघ्र धन आवंटित किया जा सके। बाद में पत्रकारों से वार्ता के दौरान सीएम धामी ने कहा कि एसटीएच कुमाऊं का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर प्रदेश के अलावा यूपी से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसलिए अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जानने के लिए जब भी मौका मिलता है, वे निरीक्षण करने के लिए आते हैं। इस दौरान उपनल कर्मियों ने कार्य बहिष्कार के दौरान का वेतन दिलाने की गुहार भी सीएम से लगाई। इसके बाद सीएम का काफिला एफटीआई पहुंचा, जहां हेलिकाप्टर से वह देहरादून के लिए रवाना हो गए।
सीएम के आने से पहले गड्ढे पाटे गए
सीएम के आने से पहले हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग के गड्ढों को पाटा गया था, इसी तरह नई आईटीआई को जाने वाले मार्ग पर नीलकंठ अस्पताल के सामने गड्ढों को पाट दिया गया।
ये मौजूद रहे
हल्द्वानी। इस दौरान मेयर जोगेंद्र रौतेला, विधायक राम सिंह कैड़ा, भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी, विकास भगत, ध्रुव रौतेला के अलावा मंडलायुक्त आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी, एडीएम अशोक जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह आदि मौजूद थे।