{"_id":"61043ea98ebc3e8b9f4ff342","slug":"uttarakhand-news-book-amount-will-directly-transfer-in-student-bank-account","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं के सीधे खाते में आएगी किताबों की धनराशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: कक्षा एक से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं के सीधे खाते में आएगी किताबों की धनराशि
Fri, 30 Jul 2021 11:36 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 30 Jul 2021 11:36 PM IST
सार
शिक्षा सचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पिछले काफी समय से स्कूलों में भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
विज्ञापन
किताबें
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में कक्षा एक से 12 वीं तक के पात्र छात्र-छात्राओं की किताबों की धनराशि सीधे उनके खातों में आएगी। शिक्षा सचिव राधिका झा ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। शिक्षा सचिव ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं के खाते उपलब्ध नहीं हैं। उन्हें एसएमसी के माध्यम से इसका भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
शिक्षा सचिव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पिछले काफी समय से स्कूलों में भौतिक रूप से कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। बच्चों के पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। सचिव ने कहा कि इस दौरान बच्चों को डीबीटी के माध्यम से किताबों की धनराशि का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
उत्तराखंड: दो अगस्त से खुलेंगे केवल कक्षा नौ से 12वीं तक के स्कूल, एसओपी जारी
विज्ञापन
कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त राजकीय विद्यालयों, राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से चलने वाले स्कूलों, मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राओं के खाते में किताबों की धनराशि दी जाएगी। इसके अलावा कक्षा 9 से 12 वीं तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से धनराशि मंजूर की गई है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षा सत्र 2021-22 में छात्र-छात्राओं के हित में पाठ्य पुस्तकें खुले बाजार में उपलब्ध हों एवं सभी छात्रों के खातों में किताबों की धनराशि पहुंच गई है। इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इस संबंध में महानिदेशक की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
एक से आठवीं तक के छात्रों के लिए 21 करोड़ से अधिक मंजूर
प्रदेेश में कक्षा एक से आठवीं तक के छह लाख 69 हजार छात्र-छात्राओं को किताबों की धनराशि मिलेगी। इसके लिए प्राथमिक के छात्रों को 250 रुपये एवं जूनियर हाईस्कूल के छात्रों के खाते में 400 रुपये आएंगे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए 21 करोड़ 56 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।