उत्तराखंड भाजपा वर्चुअल कान्फ्रेंस : मुख्यमंत्री ने पहले संबोधन से स्पष्ट किया पार्टी का चुनावी एजेंडा
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भाजपा के वर्चुअल कान्फ्रेंस अभियान के आगाज से साफ हो गया है कि पार्टी वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के लिए किस एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की सीट चकराता विधानसभा से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अभियान की शुरुआत कर संदेश दिया कि पार्टी बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी को उन्होंने सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक करार दिया। कहा, उनकी सरकार का मूल मंत्र भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस है। उन्होंने अपने संबोधन में हर वर्ग को छुआ, लेकिन फोकस युवाओं और स्वरोजगार पर ही रखा।
मुख्यमंत्री ने आधे घंटे से अधिक लंबे कार्यकर्ता संबोधन की शुरुआत कोविड-19 से पैदा हुए हालात से की। कोविड से लड़ाई में सरकार की गंभीरता को साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के वर्ष 2017 से पहले लचर स्वास्थ्य ढांचे को किस तरह से पटरी पर लाया गया है। पिछली सरकारों को कोसने के बजाए उन्होंने अपनी उपलब्धियों पर फोकस रखा।
उन्होंने पार्टी के विजन डाक्यूमेंट की 85 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा करने की बात कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा को सबसे बड़े फैसलों में से एक करार दिया। इससे साफ संकेत है कि भाजपा की चुनावी रणनीति में गैरसैंण बड़ा मुद्दा रहने वाला है। पार्टी इस उपलब्धि को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने किसानों के हित में लिए फैसलों को भी साझा किया। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की समस्या को समाप्त करने की दिशा में उठाए कदमों को अपनी सरकार की बड़ी सफलता माना।
स्वरोजगार का कई बार किया जिक्र
मुख्यमंत्री के पूरे संबोधन में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का कई बार जिक्र हुआ। युवाओं के लिए उनका मंत्र था कि रोजगार नहीं स्वरोजगार अपनाएं। रोजगार के पीछे भागने से बेहतर है कि ऐसे काम करें कि दो और लोगों को रोजगार दे सकें। सौर ऊर्जा और पिरूल को भी उन्होंने स्वरोजगार से जोड़ा। राज्य में लौटे प्रवासियों को पिरूल एकत्रित करने की योजना से जुड़ने का आह्वान भी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के फायदों को जन जन तक पहुंचाने की अपील कार्यकर्ताओं से की। उन्होंने विस्तार से इस योजना के फायदे भी गिनाए।
सैन्य परिवारों से जुड़ने की कोशिश
प्रदेश में बड़ी संख्या में सैन्य परिवारों के होने के चलते उन्होंने संबोधन में चीन का जिक्र किया। लद्दाख में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के बारे में बात की। चीन को एक क्रूर राष्ट्र करार देकर उन्होंने सैन्य परिवारों से जुड़ने की कोशिश की। साथ ही भारतीय सैनिकों के शौर्य की जमकर प्रशंसा की।
हमें विपरीत हालातों को अवसर में बदलना होगा
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमें विपरीत हालातों को अवसर में बदलना है। उन्होंने प्रदेश वासियों का आह्वान किया कि वे स्थानीय स्तर पर उत्पादों के नए ब्रांड तैयार करें। साल में कम से कम एक बार गांव में तैयार कपड़ों को पहनें। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री चकराता विधानसभा की वर्चुअल रैली को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान भी उपस्थित थीं।
सीएम ने कहा कि सरकार ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का सर्वेक्षण करा रही है। इसके लिए सरकार अनुदान देगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। कहा कि प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 150 कार्यों को शामिल किया गया। प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना में छूट गए कार्य भी इसमें शामिल हैं। इसमें 10 से 25 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर कोऑपरेटिव के माध्यम से उसकी मार्केटिंग की व्यवस्था कर उत्तराखंड ब्रांड तैयार करने का आह्वान किया। कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा योगदान होगा। उन्होंने कहा कि चकराता में सड़कों के लिए 33 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई। लगभग 20 वर्षों से लंबित पीएमजीएसवाई सड़कों का निर्माण शुरू कराया। नागथात पेयजल योजना को 28 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई। उन्होंने कहा कि हमने दृष्टिपत्र (घोषणा पत्र) की 85 प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण कर दी हैं। गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी बनाने की घोषणा की अधिसूचना भी जारी कर दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2024 तक प्रत्येक घर तक नल से पानी पहुंचाने की योजना मिशन मोड में संचालित की जा रही है। उन्होंने चीड़ की पत्तियों से बिजली बनाने, सौर ऊर्जा की खेती करने के लिए लोगों का आह्वान किया। उन्होंने कहा किसान अपने बंजर खेतों पर सौर ऊर्जा पैनल के माध्यम से ऊर्जा पैदा कर सकते हैं। 25 किलोवाट की यह योजना किफायती भी है।
सीएम ने कहा कि सरकार के प्रयासों से 15 वें वित्त आयोग से पांच हजार करोड़ सालाना मिलना आरंभ हो गया है। यूपी से परिसंपत्तियों के विवाद सुलझ गए हैं। पीएम के सफल मार्गदर्शन में हम कोरोना महामारी की गति को रोकने में सफल हुए है। इसमें आम आदमी का भी बड़ा योगदान है। कहा कि उत्तराखंड से वापस जाने वालों में कोई भी व्यक्ति कोरोन पोजिटिव नहीं पाया गया।
विश्वासघात है चीन के खून में : सीएम
मुख्यमंत्री ने चीन को साम्यवादी एवं विस्तारवादी देश बताया। कहा कि इसकी सोच भी क्रूर है। इसके रक्त में विश्वास घात है। मानवता को आघात पहुंचाने वाली विचारधारा है। हम पंचशील के सिद्धांत पर चले, लेकिन चीन ने 1962 में हम पर हमला कर हमारी 36 हजार वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया। गलवां घाटी की घटना के बाद अब चीन स्वीकार कर रहा है कि उसका एक कमांडर और कम से कम 20 सैनिक मारे गए हैं।
सीएम ने पहले संबोधन से साफ किया पार्टी का चुनावी एजेंडा
भाजपा के वर्चुअल कान्फ्रेंस अभियान के आगाज से साफ हो गया है कि पार्टी वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव के लिए किस एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी। कांग्रेस की परंपरागत माने जाने वाली सीट चकरौता से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने अभियान की शुरूआत कर संदेश दिया कि पार्टी बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी को उन्होंने सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक करार दिया। उन्होंने अपने संबोधन में हर वर्ग को
छुआ, लेकिन फोकस युवा और स्वरोजगार पर रखा।
मुख्यमंत्री ने आधे घंटे से अधिक लंबे कार्यकर्ता संबोधन की शुरुआत कोविड-19 से पैदा हुए हालात से की। कोविड से लड़ाई में सरकार की गंभीरता को साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के वर्ष 2017 से पहले लचर स्वास्थ्य ढांचे को किस तरह से पटरी पर लाया गया है। पिछली सरकारों को कोसने के बजाये उन्होंने अपनी उपलब्धियों को रखा।
उन्होंने पार्टी के विजन डाक्यूमेंट की 85 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा करने की बात कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा को सबसे बड़े फैसलों में से एक करार दिया। इससे साफ संकेत है कि भाजपा की चुनावी रणनीति में गैरसैंण बड़ा मुद्दा रहने वाला है। पार्टी इस उपलब्धि को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने किसानों के हित में लिये फैसलों को भी साझा किया। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की समस्या को समाप्त करने की दिशा में उठाए कदमों को अपनी सरकार की बड़ी सफलता माना।
मुख्यमंत्री के पूरे संबोधन में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की कई बार जिक्र हुआ। युवाओं के लिए उनका मंत्र था कि रोजगार नहीं स्वरोजगार अपनाएं। रोजगार के पीछे भागने से बेहतर है कि ऐसे काम करें कि दो लोगों को रोजगार दे सकें। सौर ऊर्जा और पिरूल को भी उन्होंने स्वरोजगार से जोड़ा। राज्य में लौटे प्रवासियों को पिरूल एकत्रित करने की योजना से जुड़ने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के फायदों को जन जन तक पहुंचाने की अपील कार्यकर्ताओं से की। उन्होंने विस्तार से इस योजना के फायदे भी गिनाए।
प्रदेश में बड़ी संख्या में सैन्य परिवारों के होने के चलते उन्होंने संबोधन में चीन का जिक्र किया। लद्दाख में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के बारे में कहा। चीन को एक क्रूर राष्ट्र करार देकर उन्होंने सैन्य परिवारों से जुड़ने की कोशिश की। साथ ही भारतीय सैनिकों के शौर्य की जमकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री रावत ने अपने पहले संबोधन से स्पष्ट संकेत दिये हैं कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में किस एजेंडे का साथ उतरने वाली है।