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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand 50 meters of NH collapsed traffic stalled for 17 hours but construction work was going on in the eighth km radius between Kotdwar Dugadda

उत्तराखंड: एनएच का 50 मीटर हिस्सा ढहा, 17 घंटे रहा यातायात ठप, कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आठवें किमी दायरे में चल रहा था पुश्ता निर्माण का कार्य

Tue, 28 Dec 2021 09:01 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, उत्तराखंड
अमर उजाला ब्यूरो, उत्तराखंड Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 28 Dec 2021 09:01 PM IST
सार

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे आठ किमी के दायरे में चार वर्ष से जर्जर पड़ा हुआ था। अभी कुछ दिन पहले यहां पुश्ते का निर्माण किया जा रहा था कि सोमवार देर रात करीब 11 बजे कोटद्वार-दुगड्डा के बीच खस्ताहाल हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा भरभराकर खोह नदी में समा गया।

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Uttarakhand 50 meters of NH collapsed traffic stalled for 17 hours but construction work was going on in the eighth km radius between Kotdwar Dugadda
कोटद्वार और दुगड्डा के बीच भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर पुश्ता निर्माण का कार्य चल रहा था कि अचानक राष्ट्रीय राजमार्ग का 50 मीटर हिस्सा ढह गया और हाईवे पर 17 घंटे तक आवाजाही ठप रही। ऐसे में छोटे वाहनों को रामणी-बल्ली मार्ग के रास्ते दुगड्डा पहुंचने के लिए कई किमी का फेर लगाना पड़ा। जबकि बस में सफर कर रहे लोगों को गूमखाल और कोटद्वार में दिन गुजारना पड़ा। छोटे वाहन से आने वाले लोग ऐता से करीब 10 किमी. पैदल का सफर तय कर कोटद्वार पहुंचे। एनएच विभाग ने पहाड़ी को काटकर किसी तरह 17 घंटे के बाद एनएच को यातायात के लिए खोला।

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कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे आठ किमी के दायरे में चार वर्ष से जर्जर पड़ा हुआ था। अभी कुछ दिन पहले यहां पुश्ते का निर्माण किया जा रहा था कि सोमवार देर रात करीब 11 बजे कोटद्वार-दुगड्डा के बीच खस्ताहाल हाईवे का करीब 50 मीटर हिस्सा भरभराकर खोह नदी में समा गया। गनीमत यह रही कि उस समय सड़क पर कोई वाहन नहीं चल रहा था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क धंसने की सूचना मिलते ही एनएच विभाग और पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे।

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पुलिस ने पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले भारी वाहनों को गूमखाल में और मैदानी क्षेत्र से आने वाले भारी वाहनों को कोटद्वार के सिद्धबली बैरियर पर रुकवा दिया। ऐसे में लोगों को पूरा दिन सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। कई लोग बस से उतरकर गूमखाल से दुगड्डा ऐता तक छोटे वाहनों में पहुंचे। इसके बाद एनएच विभाग ने सड़क निर्माण के लिए पहाड़ी का कटान शुरू किया और 17 घंटे बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई।

चार वर्षों से खस्ताहाल है सड़क

वर्ष 2018 में आई बाढ़ के कारण खोह नदी के उफान के कारण कोटद्वार-दुगड्डा के बीच हाईवे पर आधा दर्जन डेंजर जोन बने हुए हैं। नदी से सड़क का पुश्ता निर्माण के लिए नदी में जेसीबी ले जाने की वन विभाग की ओर से इजाजत नहीं दी गई, जिसके कारण पिछले चार वर्षों से सड़क खस्ताहाल बनी हुई थी। विभाग हाईवे के धंसे हुए हिस्से के किनारे पत्थर लगाकर काम चला रहा था। लंबे प्रयासों के बाद कुछ दिन पूर्व हाईवे के नीचे पुश्ता निर्माण का कार्य चल रहा था। हाईवे के नीचे खोदे जाने के कारण हाईवे नीचे ढह गया।

बल्ली मार्ग पर लगा जाम

एनएच के ढहने से पुलिस ने छोटे वाहनों को बल्ली रोड पर डायवर्ट तो कर दिया लेकिन दुगड्डा और कोटद्वार पीडब्लूडी कालोनी के पास यातायात नियंत्रित नहीं होने से दुगड्डा की ओर से कोटद्वार आने वाले और कोटद्वार से दुगड्डा की ओर जाने वाले वाहन संकरे बल्ली मार्ग पर चल दिए। इस कारण बल्ली मार्ग पर जाम लग गया। लोग सुबह से शाम तक जाम में फंसे रहे।

सड़क पर पुश्ता निर्माण का कार्य चल रहा था। सड़क के नीचे खुदी होने के कारण सोमवार रात 11 बजे सड़क नीचे ढह गई। पहाड़ी को काटकर मंगलवार शाम चार बजे सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
- आशीष सैनी, जेई, लोनिवि एनएच खंड धुमाकोट

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