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Uttarakhand: अब डिजिटल तरीके से जांची जाएंगी उत्तर-पुस्तिकाएं, वर्तमान सेमेस्टर से लागू होगी नई व्यवस्था
Thu, 07 May 2026 10:06 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 07 May 2026 10:06 PM IST
सार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में एक अहम बदलाव है। अब सभी तरह की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के तहत जांची जाएंगी।
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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विस्तार
प्रदेश के विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में उत्तर-पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस व्यवस्था को वर्तमान सेमेस्टर (जनवरी 2026) से लागू किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाना है, जिससे परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो सके।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षा प्रणाली में एक अहम बदलाव है। उन्होंने बताया कि अब सभी तरह की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं इस डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के तहत जांची जाएंगी। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी, साथ ही त्रुटियां कम होंगी। भौतिक परिवहन के खर्चों में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के समिति संरक्षण जैसी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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शासन स्तर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों को इस नई प्रणाली को वर्तमान सेमेस्टर से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद परीक्षा कार्यों का दबाव बढ़ा है। डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा।
शिक्षकों की भागीदारी और सुविधा
मूल्यांकन के डिजिटलीकरण से शिक्षकों की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। शिक्षक अब अपने शिक्षण संस्थानों से ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय परिसरों में नियमित पढ़ाई व्यवस्था बाधित नहीं होगी। यह शिक्षकों के लिए समय की बचत करेगा और उन्हें अपने अन्य शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देगा। मंत्री ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक होगा।