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उत्तराखंड: आईएफएस संजीव चतुर्वेदी के मामले की सुनवाई से एक और न्यायाधीश ने खुद को किया अलग

Tue, 23 Mar 2021 10:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 23 Mar 2021 10:00 PM IST
सार

  • कैट की दिल्ली बैंच में केंद्र में संयुक्त सचिव पद पर सीधी भर्ती को चुनौती का है मामला
  • इससे पहले कैट चेयरमैन ने भी खुद को किया था सुनवाई से अलग 
  • आईएफएस संजीव चतुर्वेदी ने अब नैनीताल बैंच में सुनवाई की मांग की

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Uttarakhand News: Another judge disassociated himself from hearing the case of IFS Sanjeev Chaturvedi
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भारतीय वन सेवा के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव पद पर सीधी भर्ती के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के न्यायाधीश आरएन सिंह ने भी खुद को अलग कर लिया है। संजीव की ओर से अब मामले की सुनवाई नैनीताल बैंच में करने और केंद्र सरकार पर जुर्माना लगाने की मांग की गई है।

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हल्द्वानी में वन अनुसंधान केंद्र में मुख्य वन संरक्षक के रूप में तैनात संजीव चतुर्वेदी ने कुछ समय पहले केंद्र सरकार में संयुक्त सचिवों के पदों पर सीधी भर्ती के खिलाफ कैट की नैनीताल बैंच में याचिका दायर की थी। इस मामले को बाद में कैट दिल्ली हस्तांतरित कर दिया गया।
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इसी मामले की सुनवाई न्यायाधीश आरएन सिंह कर रहे थे। यह पहला मामला नहीं है जब किसी न्यायाधीश ने चतुर्वेदी के मामले में सुनवाई से खुद को अलग किया हो। कैट चेयरमैन एल नरसिम्हन रेड्डी ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया था। संजीव के अधिवक्ता सुदर्शन गोयल के मुताबिक मामले की सुनवाई के लिए इस तरह से बैंच की तलाश खत्म होनी चाहिए। अब नैनीताल बैंच को इस मामले की सुनवाई का अधिकार देना चाहिए।
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संजीव ने वर्ष 2020 में कैट की नैनीताल बैंच में इस मामले को लेकर याचिका दायर की थी। बैंच ने इस मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब मांगा था। दिसंबर 2020 में यह मामला दिल्ली स्थित कैट की मुख्य बैंच को स्थानांतरित कर दिया गया था। 22 जनवरी को कैट चेयरमैन ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर दिया। अब न्यायाधीश आरएन सिंह ने भी खुद को इस मामले से अलग कर लिया है।

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