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उत्तराखंड : अमर उजाला ने खोजे कोविड में अनाथ हुए बच्चे, मिलेगा वात्सल्य, राज्यमंत्री को सौंपी 82 बच्चों की सूची
Thu, 24 Jun 2021 02:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 24 Jun 2021 02:32 PM IST
सार
अमर उजाला ने भी अपनत्व अभियान चलाकर इस तरह के 82 बच्चों को खोजा और इन बच्चों के नाम, पते और मोबाइल नंबर की जानकारी के साथ सूची महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य को सौंपी।
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रेखा आर्य, राज्यमंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश में कोरोना ने कई बच्चों के सिर से उनके माता- पिता या दोनों में से किसी एक साया को छीन लिया। कई परिवारों के कमाऊ सदस्य की मौत को गई है। ऐसे में सरकार के साथ ही गैर सरकारी संगठन और समाजसेवी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।
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अमर उजाला ने भी अपनत्व अभियान चलाकर इस तरह के 82 बच्चों को खोजा और इन बच्चों के नाम, पते और मोबाइल नंबर की जानकारी के साथ सूची महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य को सौंपी। राज्यमंत्री ने कहा कि निदेशक महिला कल्याण को इन बच्चों का सत्यापन कराकर पात्र बच्चों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रदेश में शुरुआत में जिलों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव एवं लोगों को योजना की जानकारी न होने से इस तरह के बच्चे नहीं मिल पा रहे थे। यही वजह रही कि अमर उजाला की ओर से इस तरह के बच्चों को सामने लाने के लिए अपनत्व अभियान चलाया गया। जिससे अधिकारी हरकत में आए और अब प्रदेश में इस तरह के 1635 बच्चे सामने आ चुके हैं। इसमें सबसे अधिक 432 बच्चे देहरादून के हैं।
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इसके अलावा ऊधमसिंह नगर के 227 और हरिद्वार के 179 बच्चे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पात्र बच्चों की सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनके आवेदनों को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालयों में जमा कराया जा रहा है। अगले महीने से इन बच्चों को योजना का लाभ मिलने लगेगा।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री के मुताबिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 30 जून 2021 तक जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में इन बच्चों के आवेदन जमा करा दिए जाएं। योजना के आवेदन एवं इससे जुड़ी कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग से ई मेल आईडी की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि 21 साल की उम्र तक कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अमर उजाला ने अपनत्व अभियान चलाकर न सिर्फ इस तरह के बच्चों को खोजा बल्कि योजना के बारे में लोगों को जागरूक किया। अब लगातार इस तरह के बच्चों की जानकारी मिल रही है। निदेशक महिला कल्याण को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पात्र बच्चों को जल्द से जल्द मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का लाभ दिलाया जाए।
-रेखा आर्य, राज्यमंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास