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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News 9500 government ration vendors will not distribute grains from 1st January

उत्तराखंड: 9500 सरकारी राशन विक्रेता एक जनवरी से नहीं बांटेंगे अनाज, लाभांश और मानदेय नहीं मिलने से नाराज

Sat, 16 Dec 2023 03:43 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 16 Dec 2023 03:43 PM IST
सार

राशन विक्रेताओं को कोरोना के दौरान बांटे गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लंबित लाभांश का भी भुगतान नहीं हुआ, जबकि एक्ट में व्यवस्था है कि राशन विक्रेताओं को इसका लाभांश मिलना चाहिए।

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Uttarakhand News 9500 government ration vendors will not distribute grains from 1st January
हड़ताल

विस्तार

प्रदेश के सभी 9,500 सरकारी सस्ता-गल्ला विक्रेताओं ने एक जनवरी 2024 से बेमियादी हड़ताल पर जाने का एलान किया है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने कहा, राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर यह निर्णय लिया गया है।

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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, राज्य में राशन विक्रेता पिछले कई वर्षों से मानदेय देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से इसकी अनदेखा की जा रही है। राशन विक्रेताओं को कोरोना के दौरान बांटे गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लंबित लाभांश का भी भुगतान नहीं हुआ, जबकि एक्ट में व्यवस्था है कि राशन विक्रेताओं को इसका लाभांश मिलना चाहिए।

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कहा, राशन विक्रेताओं के मानदेय का प्रस्ताव तैयार होने तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभांश और भाड़े की राशि का हर माह नियमित रूप से अन्य कर्मियों की तरह सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के खातों में भुगतान किया जाए। संगठन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पंत और महामंत्री संजय शर्मा ने कहा, हड़ताल के संबंध में खाद्य आयुक्त को बता दिया गया है। इस दिन से देशभर के राशन विक्रेता हड़ताल पर रहेंगे।

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राज्य के राशन विक्रेताओं की प्रमुख मांग राशन ढुलान के भुगतान की है। पहाड़ों में कई ऐसे राशन विक्रेता हैं, जिन्हें इतना लाभांश नहीं मिलता, जितना ढुलान पर खर्च आ रहा है। 2022 से न ढुलान मिला न लाभांश। -रेवाधर बृजवासी, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन

राशन विक्रेताओं का लाभांश और ढुलान का पूरा भुगतान किया जा चुका है। बजट को लेकर कोई समस्या नहीं है। -पीएस पांगती, अपर आयुक्त खाद्य


 

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