दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन हुई ट्रैक्टर परेड में अपने वाहन लेकर गए ऊधमसिंह नगर जिले में तराई के 113 लोगों को पुलिस ने चिह्नित किया है। पुलिस और खुफिया विभाग ने इनकी रिपोर्ट बनाकर दिल्ली पुलिस को भेज दी है।
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उत्तराखंड में किसान ट्रैक्टर रैली
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में देशभर के किसानों ने ट्रैक्टर रैली की थी। रैली में ऊधमसिंह नगर के सभी क्षेत्रों से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर शामिल हुए थे। कुछ शरारती तत्वों ने रैली की आड़ में माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की और लाल किले पर अराजकता की थी।
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इस दौरान यूपी के बिलासपुर डिबडिबा निवासी एक किसान नवरीत सिंह की मौत हो गई थी। दिल्ली में बवाल के बाद जिला पुलिस और खुफिया विभाग ने किसानों को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके बाद जिले के 113 किसानों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि किसानों को चिह्नित कर रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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वहीं अल्मोड़ा में उत्तराखंड किसान सभा ने संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर रेल रोको आंदोलन के समर्थन में गुरुवार को गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों की मांगों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि ढाई सौ किसानों की शहादत के बाद भी प्रधानमंत्री मौन साधे हैं।
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वक्ताओं ने कहा कि किसानों की सुध लेने के बजाए देश के गृहमंत्री येन केन प्रकारेण चुनाव जीतने की मुहिम में लगे हैं। पेट्रो पदार्थों और गैस के बढ़ते दामों से आम जनता त्रस्त है। किसान केंद्र की ओर से लागू किए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलित हैं, लेकिन सरकार जनता और किसानों की सुध नहीं ले रही है। बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है।