उत्तराखंड: खटीमा में खेत के गड्ढे में आधा दबा मिला जीवित नवजात, अस्पताल में भर्ती
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उत्तराखंड के खटीमा में चटिया फार्म में एक ग्रामीण के खेत में गड्ढे में आधा दबा नवजात (लड़का) जीवित मिला है। नवजात का नागरिक चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। चटिया फार्म में बुधवार की सुबह कुंडल सिंह भंडारी अपने खेत में काम करने गए थे।
उन्हें खेत के एक कोने से बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो बच्चे का धड़ आधा गड्ढे में दबा था और सिर ऊपर था। यह देख उसके होश उड़ गए। उन्होंने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
मौके पर पहुंची महिलाओं ने नवजात को गड्ढे से बाहर निकालकर उसकी सफाई की। उसकी सांसें चल रही थीं। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने नवजात को नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित बंसल की देखरेख में उसका चल रहा है।
चिकित्साधिकारी डॉ. सुनीता रतूड़ी ने बताया कि नवजात के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। अस्पताल में कांस्टेबल मनीषा को नवजात की निगरानी में तैनात किया गया है। घटना की सूचना पर सीओ मनोज कुमार ठाकुर, कोतवाल संजय पाठक ने घटनास्थल का दौरा किया और ग्रामीणों से पूछताछ की।
कई परिवारों ने बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई
क्षेत्र में चर्चा है कि लोकलाज के भय से नवजात को गड्ढे में दबाकर मारने का प्रयास किया गया। इस अमानवीय कृत्य से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस तरह के अमानवीय कृत्य करने वालों की खोजबीन कर कड़ी सजा देने की मांग की। इधर, कई परिवारों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई है।
नवजात के नाक, कान और मुंह में मिली मिट्टी
डॉ. अमित बंसल ने बताया की बच्चे के नाक, कान और मुंह में मिट्टी मिली। इससे नवजात को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उन्होंने बताया कि इलाज के बाद नवजात की हालत में सुधार हो रहा है तथा उसकी अन्य जांचें भी की जा रहीं हैं।