Uttarakhand: नई आबकारी नीति...ठेकों के नवीनीकरण और आवंटन की तारीखें घोषित, सात मार्च से शुरू होगी प्रक्रिया
पहले चरण की लॉटरी 22 मार्च को निकाली जाएगी। उसके बाद भी यदि दुकानें शेष रहती हैं तो दूसरे चरण की लॉटरी के लिए आवेदन 23 से 24 मार्च की दोपहर तीन बजे तक स्वीकार होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति के तहत राज्यभर में शराब की दुकानों के नवीनीकरण और आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की तारीखें तय कर दी गई हैं। सभी देशी और विदेशी शराब की खुदरा दुकानों के लिए नवीनीकरण की प्रक्रिया सात से 16 मार्च तक चलेगी। नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद यदि कोई दुकान शेष रहती है तो उसकी आवंटन प्रक्रिया लॉटरी से होगी, जिसका आवेदन 19 से 21 मार्च तक होगा।
पहले चरण की लॉटरी 22 मार्च को निकाली जाएगी। उसके बाद भी यदि दुकानें शेष रहती हैं तो दूसरे चरण की लॉटरी के लिए आवेदन 23 से 24 मार्च की दोपहर तीन बजे तक स्वीकार होंगे। दूसरे चरण की लॉटरी प्रक्रिया 24 मार्च की शाम पांच बजे तक पूरी होगी।
इच्छुक आवेदक दुकानों की सूची, राजस्व विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी आबकारी विभाग की वेबसाइट www.uttrakhandexcise.org.in और www.uk.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं। ये जानकारी संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय और आबकारी आयुक्त कार्यालय में भी उपलब्ध होगी।
आबकारी आयुक्त हरिचंद सेमवाल ने बताया कि नई नीति शराब की खपत बढ़ाने के बजाए राजस्व बढ़ाने पर आधारित है। इससे आबकारी के कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी। विभाग ने दो साल से राजस्व लक्ष्य को पूरा कर रहे मौजूदा ठेकों को नवीनीकरण का अवसर दिया है।
Uttarakhand: यूपी, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल से ज्यादा उत्तराखंड में गटकी जाती है शराब, ये आकंड़े हैं बता रहे
नई नीति में हुए महत्वपूर्ण बदलाव
- राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति के माध्यम से नए वित्तीय वर्ष में 5060 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसकी वजह से एक अप्रैल से शराब के दामों में कुछ वृद्धि होगी
- नई नीति में धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानों को बंद करने का प्रावधान है
- एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे
- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में वाइनरी संचालकों को बढ़ावा देने के लिए 15 वर्षों तक शुल्क में छूट दी जाएगी