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उत्तराखंड: मनरेगा कर्मियों के लिए अच्छी खबर, अब हर हाल में 150 दिन मिलेगा काम 

Mon, 18 Jan 2021 08:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 18 Jan 2021 08:57 PM IST
सार

  • एक श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये का फायदा, पहले न्यूनतम 100 दिन रोजगार की थी गारंटी
  • रोगजार गारंटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की घोषणा

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Uttarakhand : MGNREGA workers Will get 150 Days Work Now
मनरेगा कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने मनरेगा के तहत प्रदेश में लोगों को कम से कम 150 दिन रोजगार गारंटी देने का फैसला किया है। सोमवार को रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके लिए सरकार को करीब 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। केंद्र सरकार अभी मनरेगा के तहत 100 दिन न्यूनतम रोजगार गारंटी दे रही है।

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सोमवार को सचिवालय में हुई रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में सामने आया कि प्रदेश में जॉब कार्ड धारक अब 12 लाख से अधिक हो गए हैं। 2.66 लाख लोगों ने नए जॉब कार्ड बनवाए। मनरेगा से 1.63 लाख प्रवासी भी सीधे तौर पर जुड़े हैं। 50 दिन अतिरिक्त होने पर अब एक मनरेगा जॉब कार्ड होल्डर को कम से कम 10 हजार रुपये का फायदा होगा।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मनरेगा के तहत बेहतर काम करने वाले जिलों के अनुभव अन्य जिलों से साझा करने का आदेश दिया। सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी अपने स्तर से मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की 15 दिनों में जिला स्तर पर समीक्षा करें। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जिन नदियों के पुनर्जनन के लिए कार्य किए जा रहे हैं, उनकी जीआईएस मैपिंग हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ में मत्स्य और पौड़ी में पोषण वाटिका के प्रयोग अन्य जिलों में भी किए जाएं।
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राज्य और जिला योजना के काम भी होंगे
बैठक में फैसला किया गया कि राज्य और जिला योजना में विभागों के स्तर पर आसानी से किए जा रहे कार्यों को मनरेगा से कराने को प्राथमिकता दी जाए। इसका कारण यह भी है कि इन कामों को कराने से राज्य सरकार राज्य और जिला योजना का पैसा भी बचा सकेगी। इस तरह का प्रयोग इस समय वन विभाग कर रहा है और कैंपा के तहत पौधरोपण का काम वन विभाग मनरेगा से करवाता है।

प्रवासियों को भायी मनरेगा
मनरेगा का सीधा फायदा लॉकडाउन के कारण वापस लौटने को विवश हुए प्रवासियों को भी हुआ है। करीब साढ़े तीन लाख प्रवासी वापस लौटे हैं और इनमें से 1.63 लाख मनरेगा से सक्रिय रूप से जुड़ गए हैं।

एक नजर में मनरेगा

- प्रदेश में कुल 12.19 लाख जॉबकार्ड धारक हैं
- सक्रिय जॉब कार्ड धारक 67.19 प्रतिशत हैं
- सक्रिय श्रमिक 58.69 प्रतिशत हैं
- महिला जॉब कार्ड धारक 53.65 प्रतिशत हैं
- पिछले एक साल में 2.66 लाख जॉब कार्ड धारक बढ़े 
- भुगतान, जॉब कार्ड सत्यापन में देश में दूसरे नंबर पर
- मनरेगा के तहत न्यूनतम अकुशल मजदूरी प्रतिदिन 201 रुपये
- वर्ष 2020-21 के लिए अनुमोदित बजट में से 80 प्रतिशत जारी 
- स्वयं सहायता समूहों ने नर्सरी कार्यों से 10.13 लाख रुपये कमाए

मनरेगा के कार्यदिवस में इजाफा नाकाफी- कांग्रेस

कांग्रेस सहित कई दलों ने मनरेगा के तहत 50 कार्य दिवस बढ़ाए जाने को नाकाफी बताया है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि कोरोना के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान को देखते मनरेगा में न्यूनतम रोजगार दिवस कम से कम 200 होने चाहिए थे। 

यह मांग पहले से भी की जा रही थी। इसी तरह दैनिक मजदूरी में भी कम से कम डेढ़ गुना इजाफा किया जाना चाहिए। अभी न्यूनतम मजदूरी 201 रुपये दी जा रही है जो नाकाफी है। इसी तरह सपा, भाकपा, माकपा ने भी मुख्यमंत्री आवास पर सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर मनरेगा की मजदूरी बढ़ाने और कार्यदिवस कम से कम 250 होने की मांग की। इनका कहना है कि रोजगार न होने की सूरत में जॉब कार्ड धारकों को 7500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। 

इसके साथ ही कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने सरकार से लोगों के लिए राहत पैकेज घोषित करने की भी मांग की। इनकी ओर से कहा गया कि बिना किसी वर्गीकरण के हर राशन कार्ड धारकों को 35 किलो राशन दिया जाए। वन अधिकार कानून लागू किया जाए। प्रदेश में लौट रहे प्रवासियों के कोविड-19 संक्रमण का परीक्षण सीमा पर करने की व्यवस्था की जाए। 

अतिरिक्त रोजगार के लिए 83 करोड़ रुपये का बजट जारी 
मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने की घोषणा के बाद सरकार ने 83.75 करोड़ की स्वीकृति दी है। मनरेगा के तहत प्रदेश में वर्तमान में जॉब कार्ड धारकों को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार दिया जा रहा है। यह केंद्र सरकार की व्यवस्था है और इसका पैसा भी केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है। अब प्रदेश सरकार ने 150 दिन रोजगार गारंटी दी है तो सरकार को अतिरिक्त बजट की भी व्यवस्था करनी होगी।

इसके लिए सोमवार को बजट भी जारी कर दिया गया। बताया गया कि इस साल अभी तक 18 हजार परिवार 100 दिन का रोजगार पूरा कर चुके हैं। यदि इन्हें 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाता है तो कुल अतिरिक्त खर्च 18.09 करोड़ का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

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