Uttarakhand Lockdown: हरिद्वार में दो और संक्रमित मरीजों ने जीती कोरोना की जंग, सात में से पांच मरीज हो चुके ठीक
- सात में से पांच मरीज हो चुके ठीक, अब दो का चल रहा इलाज
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हरिद्वार में कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लगातार कामयाबी मिल रही है। मंगलवार को दो और मरीजों के स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दे गई है। अब यह दोनों लोग 14 दिन तक क्वारंटीन रहेंगे। सीएमओ सरोज नैथानी और उनकी टीम ने ताली बजाकर दोनों लोगों को अस्पताल से घर भेजा। मालूम हो कि अभी तक हरिद्वार जनपद में सात कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए थे। इन सभी मरीजों का मेला अस्पताल में उपचार चल रहा था।
रविवार को तीन मरीजों की लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद विभाग ने उन्हें छुट्टी दे दी थी। सोमवार को हाथरस के एक मजदूर और भगवानपुर के मानकपुर मजरा की महिला की भी लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मंगलवार को सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने दोनों को छुट्टी दे दी। हाथरस के मजदूर को एक होटल में ही 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया, जबकि महिला अपने घर में क्वारंटीन रहेगी। सीएमओ ने बताया कि अब अस्पताल में लक्सर और ज्वालापुर का एक-एक मरीज भर्ती है।
परिवार के सदस्यों से नहीं मिलने की हिदायत
होम क्वारंटीप के लिए भेजी गई महिला को सीएमओ ने हिदायत दी कि वह अपने परिवार के सदस्यों से भी नहीं मिलेंगी। खाने पीने का सामान भी दूर से लेना है और अपने बर्तन व कपड़े सभी से अलग रखने है। दोनों लोगों की निगरानी के लिए चौकीदार लगवाया दिया गया है। मेला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि दोनों की शनिवार को पहली रिपोर्ट निगेटिव आई थी। दोनों के दोबारा से सैंपल रविवार को लिए गए। सोमवार को जारी बुलेटिन में दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
मरीजों का इलाज करने वाली टीम
टीम में डॉक्टर राजेश गुप्ता, फिजिशियन डॉक्टर संदीप टंडन, माइक्रोबायोलोजिस्ट डॉक्टर निशात अंजुम, गौरव श्रीवास्तव, डॉक्टर देवेंद्र रावत, डॉ. संजय त्यागी, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. विक्रांत, डॉ. धीरेंद्र रावत, लैब के वरिष्ठ तकनीशियन नितिन शर्मा, पंकज वर्मा, हेमंत बोरा, एक्सरे तकनीशियन एके सिंह, स्टाफ नर्स में अनीता जैन, उषा देवी, मिनाक्षी जेटली, कविता मल्ल, सुनिता आर्या, पूजा, श्वेता, ममता, हेमंती, अंजु पुंडीर, मनोरमा राय, एंजिलिना, सोना चौहान, आशा, पूनम प्याल, वार्ड बवाय में विजय, खुशीपाल, केदार, राय सिंह, अनुज, कुशम पाल, दिनेश लखेड़ा, बदरी, लखन, अंकित, बोबी, रोजनिल, महेश ढींगरा, मुकेश लखेड़ा, आदेश आदि का योगदान रहा।
रोजे रखकर पांच वक्त की पढ़ती थी नमाज
भगवानपुर के मानक मजरा निवासी महिला ने रोजे रखे हुए हैं। वह प्रतिदिन पांच वक्त की नमाज पढ़कर खुदा की इबादत कर बीमारी को भगाने की दुआ करती रहीं। जाते समय उसने हाथ जोड़कर डॉक्टरों का अभिवादन किया और हमेशा नियमों का पालन करने की बात कही।
तीनों अस्पतालों की होगी एक ही लैब
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की योजना परवान चढ़ी तो जिला, मेला और महिला अस्पताल की लैब एक छत के नीचे होगी। तीनों लैबों की मशीनरी और स्टाफ एक ही लैब में काम करेंगे। इसके लिए सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के साथ मेला अस्पताल का निरीक्षण किया।
अभी तक जिला, मेला और महिला अस्पताल में अलग-अलग लैब हैं। सभी में जांच के लिए मशीनें, स्टाफ अलग- अलग तैनात है। सौ-सौ मीटर की दूरी पर अस्पतालों में अलग-अलग लैब होने से स्टाफ, मशीनों के साथ अन्य सामान ट्रिपल है। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि तीनों लैबों में दो बजे के बाद कोई जांच नहीं होती।
सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने समस्याओं को देखते हुए तीनों अस्पतालों के बजाय एक लैब बनाने के लिए प्रस्ताव स्वास्थ्य सचिव को भेजा था। स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडेय ने इसपर सहमति दे दी है। तकनीकि एडवाजरी के लिए एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचंद्र पांडेय को बनाया गया है। लैब बनाने के लिए मंगलवार को सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों को बुलाकर मेला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मेला अस्पताल की छत पर नई इमारत बनाने का निर्णय लिया गया। इंजीनियरों ने छत को उपयुक्त बताया।
अस्पतालों में केवल कलेक्शन सेंटर बनेगा
मेला अस्पताल की छत पर लैब बन जाने पर तीनों अस्पतालों में केवल सैंपल लेने के लिए कलेक्शन सेंटर बनेगा। सीएमओ ने बताया कि तीनों लैब के स्टाफ से शिफ्ट के आधार पर काम लिया जाएगा। इससे मरीजों को भी लाभ होगा।
नहीं खरीदी जाएगी कोरोना जांच को मशीन
सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए कोई लैब तैयार करने की बात तो दूर जांच के लिए मशीन तक खरीदने का प्रस्ताव नहीं है। क्योंकि मशीन लगाने के साथ विशेषज्ञ स्टाफ और अन्य बड़ी स्तर तैयारियां करनी होगी, जबकि फिलहाल इसके लिए कोई तैयारी नहीं है।