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Lockdown: रुड़की के पाबंद पनियाला गांव के लोगों ने 19 दिन में जीती कोरोना की जंग, पटरी पर लौटी जिंदगी

Fri, 24 Apr 2020 09:05 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 24 Apr 2020 09:05 PM IST
सार

  • ग्रामीणों जज्बे व संयम और प्रशासन की मेहनत से पाबंद गांव को मिली आजादी
  • शुक्रवार को गांव में दिखी रौनक, घरों से बाहर आए लोग, पटरी पर लौटी जिंदंगी

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uttarakhand lockdown: Roorkee Paniyala Village free from Coronavirus and now not sealed
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

अगर जज्बा और संयम हो तो कोई भी जंग जीती जा सकती है। कोरोना महामारी जंग में जज्बे और संयम दिखाते हुए रुड़की के पनियाला गांव ने ऐसी ही नजीर पेश की है। पनियाला गांव ने 19 दिन में कोरोना की जंग जीत ली। ग्रामीणों के जज्बे व संयम के साथ प्रशासन की मेहनत रंग लाई और एक बार फिर पनियाला गावं की जिंदगी पटरी पर लौट आई है। घरों से बाहर निकलकर ग्रामीणों ने सकून की सांस ली और अपने जरूरी कामकाज करने लगे।

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पनियाला गांव के एक युवक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद पूरे गांव को चार अप्रैल को पाबंद कर दिया था। गांव कोरोना हॉटस्पाट बन गया था। ग्रामीणों को प्रशासन ने होम क्वारंटीन कर दिया था। शुरूआती दौर में ग्रामीणों को परेशानी हुई। लेकिन ग्रामीणों ने इस लड़ाई से लड़ने की ठानी और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने इस लड़ाई को लड़ने के लिए अपना संयम नहीं खोया, बल्कि वह जज्बे के साथ डटे रहे।
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प्रशासन ने भी ग्रामीणों को मायूस नहीं होने दिया। उनके लिए खाद्य सामग्री से लेकर घरेलू सिलेंडर और अन्य सामान घर-घर तक पहुंचाया। ग्रामीणों और प्रशासन की मेहनत रंग लाई और आखिरकार 19 दिन बाद कोरोना से जंग जीत ली। प्रशासन ने पाबंद गांव को बृहस्पतिवार की देर शाम खोलने की घोषणा की तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शुक्रवार को गांव का नजारा बदला-बदला साथ नजर आया। ग्रामीणों के चेहरे पर भाव सुख का अहसास करा रहे थे। ग्रामीणों ने 19 दिन बाद घर से बाहर निकलकर आजादी मिलने जैसा अहसास किया। गांव में सोशल डिस्टेंस रखते हुए चहल-पहल थी तो चौपालों पर सोशल डिस्टेंस में बैठे लोगों के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि हम सभी ने मिलकर यह जंग जीत ली। इतना ही नहीं लोग घरों से निकलकर खेतों पर पहुंचे और गेहूं और चारे की कटाई की। बच्चे, बूढ़े और महिलाओं के चेहरों पर खुशी है।

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रमजान से पहले मिला तोहफा

25 अप्रैल से रमजान का पाक महीना शुरू होने वाला है। ऐसे में पनियाला गांव के लोगों को डर सता रहा था कि रमजान में भी अगर गांव को छूट नहीं मिली तो क्या होगा। लेकिन 25 अप्रैल से पहले ही बृहस्पतिवार को प्रशासन ने पाबंद गांव को खोल दिया। जिससे ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने बताया कि रमजान से पहले अल्लाह ने तोहफा दिया है।

ग्रामीणों ने इस संकट की घड़ी में एकजुटता का परिचय दिया। यही वजह रही कि हम यह जंग जीत पाए। प्रशासन ने भी पूरा सहयोग दिया और ग्रामीणों की जरूरतों का ध्यान रखा। अब ग्रामीण अपने कामकाज निपटा रहे हैं और खेती करने में व्यस्त हैं। गांव में अब भी ग्रामीण सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे
हैं।
...राव सलीम, पूर्व ब्लॉक प्रमुख

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