Uttarakhand Lockdown: चार धाम में ऑनलाइन पूजा का विरोध, तीर्थ पुरोहितों ने कहा - परंपरा से खिलवाड़ ना करे सरकार
- देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के बयान पर जताई नाराजगी
- कहा आदि शंकराचार्य की परंपरा से खिलवाड़ ना करे राज्य सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तीर्थ पुरोहितों ने चार धाम में ऑनलाइन पूजा का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य की परंपरा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के उस बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने मंदिरों में ऑनलाइन पूजा की बात कही है।
देवभूमि तीर्थ पुरोहित हकहकूक धारी महापंचायत ने कहा कि सीईओ ने कहा है कि मंदिरों की पूजा ऑनलाइन की जा सकती है। महापंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती ने कहा कि इन विश्व प्रसिद्ध मंदिरों की पूजा अर्चना सदियों से आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा अनुसार की जा रही है । ऑनलाइन पूजा संबंधी बयान आदि काल से चली आ रही परंपराओं के खिलाफ है।
इन मंदिरों की पूजा व परंपराएं अक्षुण्य
गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष व महापंचायत के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि मां गंगा की चल विग्रह मूर्ति अपने तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार गंगोत्री मंदिर को प्रस्थान करेगी। पूर्व में भी कई बार दैवीय व प्राकृतिक आपदाएं आई, लेकिन इन मंदिरों की पूजा व परंपराएं अक्षुण्य रही।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सदस्य व महापंचायत के संरक्षक अनिरूद उनियाल ने कहा कि हाईटेक पूजा पद्धति शुरू करने के बजाय सरकार को सुविधाएं जुटाने का प्रयास करना चाहिए।