Uttarakhand Lockdown: दून अस्पताल में खाने को लेकर कोरोना संदिग्ध जमातियों का हंगामा, स्टाफ से भी कर रहे बदतमीजी
- अस्पताल प्रबंधन ने डीआईजी अरूण मोहन जोशी से की शिकायत, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शांत हुए जमाती
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देहरादून में राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कोरोना संदिग्ध जमातियों ने शुक्रवार को भोजन को लेकर हंगामा कर दिया। आरोप है कि जमाती स्टाफ से बदतमीजी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के बुलाने पर पहुंची पुलिस ने वार्ड में जाकर उन्हें हंगामा न करने की सख्त हिदायत दी। उसके बाद वे शांत हुए। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने उनकी डाइट के हिसाब से भोजन बढ़ाने के निर्देश कैंटीन संचालक को दिए हैं।
दरअसल, तब्लीगी जमात में शामिल हुए 10 जमातियों को बहस्पतिवार रात तक पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने दून अस्पताल क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कराया था। शुक्रवार को जब कैंटीनकर्मी अस्पताल स्टाफ के साथ क्वारंटीन वार्ड में भोजन देने गए तो जमातियों ने हंगामा कर दिया। जमातियों का कहना था कि उन्हें पूरा खाना नहीं दिया जा रहा है। जबकि स्टाफ का कहना था कि अस्पताल में मिलने वाले भोजन में मरीजों की डाइट के हिसाब से निर्धारित सामग्री दी जाती है।
इसे लेकर विवाद की स्थिति बन गई। स्टाफ ने इसकी शिकायत कोरोना के काॅर्डिनेटर एवं डिप्टी एमएस डाॅ. एनएस खत्री से की। स्टाफ ने बताया कि जमाती मरीज उनकी सलाह भी नहीं मान रहे हैं। यही नहीं स्टाफ के साथ बदतमीजी भी की जा रही है। इससे महिलाकर्मी उस वार्ड में जाने से कतराने लगी हैं।
डाॅ. खत्री ने इसकी सूचना देहरादून के डीआईजी अरूण मोहन जोशी को दी। जिसके बाद पहुंची पुलिस ने जमातियों को सख्त हिदायत दी कि अगर हंगामा किया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीआईजी अरूण मोहन जोशी के अनुसार, पानी का कुछ इश्यू बताया गया था, जिसे सुलझा लिया गया।
होम क्वारंटीन पर ग्राम प्रधानों की नजर
कुमाऊं में तीन मरीजों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद पुलिस और प्रशासन और अलर्ट हो गया है। होम क्वारंटीन का पालन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ग्राम प्रधानों और पटवारियों को जिम्मा सौंपा गया है, वहीं शहरी क्षेत्रों में यह काम पुलिस के हवाले है। अभी तक अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिला प्रशासन का कहना है कि किसी के भी फालतू घूमने अथवा कोई अन्य तरह की शिकायत सामने आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रानीखेत क्षेत्र में बीते दिनों देश और विदेश से भी कई लोग अपने गांव पहुंचे थे। यहां विदेश से 17 लोग आए थे, जिनमें से अधिकतर लोगों की क्वारंटीन अवधि खत्म होने की सूचना है। छह से सात लोग अब भी होम क्वारंटीन पर हैं। डॉक्टरों ने बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की है।
राहत वाली बात यह है कि होम क्वारंटीन किए गए सभी लोग स्वस्थ बताए जा रहे हैं। वहीं दिल्ली, मुंबई सहित तमाम महानगरों से गांव लौटे लोग भी होम क्वारंटीन पर हैं। पिथौरागढ़ डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि होम क्वारंटीन किए गए लोगों पर नजर रखने के लिए टीम बनाई गई है। वहीं बागेश्वर में होम क्वारंटीन काउल्लंघन करने वाले 24 लोगों के खिलाफ पिछले दिनों पुलिस ने कार्रवाई की थी। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि ग्राम प्रधानों और पटवारियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही इन पर नजर रखने के लिए टीम भी बनाई गई है।