Lockdown Uttarakhand: विभाग ने बिना जांच कराए स्कूल पर दर्ज करा दिया मुकदमा, अब उठ रहे सवाल
- प्रबंधन के जवाब देने से पहले ही कर दी, बाकि सभी स्कूलों को नोटिस के बाद दिया जवाब देने का मौका
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लॉकडाउन के दौरान फीस मांगने के आरोप में शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल पर दर्ज मुकदमे के मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। दरअसल विभाग ने बिना जांच कराए और स्कूल का पक्ष सुने बिना ही मुकदमा दर्ज करा दिया। जबकि बाकी स्कूलों को नोटिस जारी करने के बाद विभाग ने जवाब देने का मौका दिया। बीईओ रायपुर स्वराज तोमर ने भी स्वीकार किया है कि मुकदमा शिकायतों की जांच के बाद ही दर्ज कराया जाना चाहिए था।
शिक्षा विभाग के पास लॉकडाउन के दौरान करीब 30 स्कूलों की शिकायत आई हैं, जिनमें से करीब 25 शिकायतें केवल फीस बढ़ाने, फीस मांगने के लिए दबाव बनाने, एनसीईआरटी से इतर किताबें लगाने संबंधी की हैं। शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल पर भी फीस के लिए दबाव बनाने का आरोप है। विभाग ने रात करीब दस बजे स्कूल के चेयरमैन इकबाल सिंह को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर जवाब मांगा।
इकबाल सिंह ने सुबह मैसेज देखने के बाद अधिकारियों से लिखित नोटिस भेजने को कहा। इस पर सीईओ कार्यालय ने उन्हें लिखित नोटिस जारी कर दिया। कुछ देर में स्कूल प्रबंधन ने भी जवाब सीईओ कार्यालय को भेज दिया।
लेकिन, इससे पहले ही स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका था। सूत्रों के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद बीईओ ने सीईओ कार्यालय को मामले की रिपोर्ट सौंपी। उस रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं था, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जाता।
हमने स्कूल को नोटिस जारी कर शिकायतों पर जवाब मांगा। स्कूल ने अपना जवाब दिया। लेकिन, उसे देखा नहीं गया। क्योंकि तब तक मुकदमा दर्ज कराया जा चुका था। शिकायतों की जांच के बाद मुकदमा दर्ज होना चाहिए था। उच्च अधिकारियों के आदेश पर स्कूल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
स्वराज तोमर, बीईओ, रायपुर
डीएम ने फीस मांगने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर हमने बीईओ रायपुर को मुकदमा दर्ज कराने को कहा। वो तहरीर देकर आ गए। इसी दौरान स्कूल ने अपना जवाब दिया। लेकिन, तब तक हमारी तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
-आशारानी पैन्यूली, सीईओ, देहरादून
शिक्षा विभाग का नोटिस मिलने के कुछ घंटों के अंदर हमने अपना जवाब दिया। अभिभावकों ने जो भी आरोप लगाए थे, हमने उनका बिंदुवार जवाब दिया। अपने जवाब के पक्ष में सभी दस्तावेज और साक्ष्य भी विभाग को उपलब्ध कराए। लेकिन, कुछ देर बाद हमें पता चला कि हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
-इकबाल सिंह, चेयरमैन, शिवालिक इंटरनेशल स्कूल