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उत्तराखंड: कांग्रेस काल का आदेश संशोधित, हर की पैड़ी पर बह रही धारा को फिर मिला गंगा का दर्जा

Thu, 03 Dec 2020 01:01 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 03 Dec 2020 01:01 AM IST
सार

  • आवास सचिव ने जारी किया आदेश, 2016 में कांग्रेस सरकार के फैसले को बदला
  • सीएम त्रिवेंद्र ने सुधारी पूर्व सीएम हरीश रावत की भूल 

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Uttarakhand latest news : Orders to declare Har Ki Paidi as Escape channel in Haridwar can be canceled today
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO

विस्तार

हर की पैड़ी पर बह रही गंगा की धारा को अब फिर अविरल गंगा का दर्जा मिल गया है। इसको एस्केप चैनल घोषित करने वाले पूर्व कांग्रेस सरकार के आदेश को प्रदेश सरकार ने संशोधित कर दिया है। जारी आदेश के जरिए एस्केप चैनल शब्द को हटा दिया गया है।

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कांग्रेस काल में जारी आदेश पर क्षुब्ध और आंदोलित साधु-संत समाज ने इसे गंगा की खोई पहचान को वापस मिलना करार दिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुछ दिन पूर्व संतों के बीच 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय जारी शासनादेश को बदलने की घोषणा की थी। 
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बुधवार को सचिव आवास शैलेश बगौली ने संशोधित आदेश जारी किया। आदेश के जारी होने के साथ ही हर की पौड़ी पर एस्केप चैनल को लेकर चले आ रहे विवाद के थम जाने के आसार हैं। महाकुंभ के आयोजन से पूर्व एस्केप चैनल को लेकर संत समाज के नाराजगी से सरकार चिंतित थी। हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संतों के बीच एस्केप चैनल का आदेश रद्द करने का आश्वासन दिया था।
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लेकिन संत समाज इससे संतुष्ट नहीं था। पिछले दिनों सीएम आवास पर महाकुंभ की तैयारी बैठक में शामिल हुए संतों ने एस्केप चैनल का मामला उठाया था। मुख्यमंत्री ने संतों की मौजूदगी में ही एस्केप चैनल का आदेश बदलने की घोषणा करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे। 

बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मैदानी क्षेत्रों में गंगा व उसकी सहायक नदियों के किनारे पर निर्माण कार्यों को नियोजित करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के तहत गंगा घाटों के 300 मीटर के दायरे में किसी भी स्थायी निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। इस सबंध में राज्य सरकार ने 14 दिसंबर 2016 को गंगा व सहायक नदियों के तटीय विकास व निर्माण के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए। इस आदेश में हर की पैड़ी पर नदी का उल्लेख एस्केप चैनल के तौर पर किया गया। 

हरीश रावत ने मांगी थी माफी

एस्केप चैनल पर विवाद गहराने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ने हरिद्वार में जाकर गंगा को एस्केप चैनल के शासनादेश को लेकर संतों से माफी मांगी थी। 

सीएम त्रिवेंद्र ने हरीश रावत की भूल की सुधारी : भगत 
प्रदेश भाजपा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जो भूल की थी, उसे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुधार दिया है। पार्टी  के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने आदेश जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

हमने कांग्रेस का सारा पाप धो दिया : कौशिक
शासकीय प्रवक्ता व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि हर की पैडी पर गंगा को एस्केप चैनल घोषित करने वाले आदेश को बदल कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कांग्रेस के सारे पाप धो दिए। साथ ही सरकार ने साधु संत समाज और आम जनमानस को भी आश्वस्त किया कि उनकी भावनाओं का पूरा ख्याल है।

हमने घोषणा की थी कि 2016 में तत्कालीन सरकार ने जो गलती की है, उसे ठीक करेंगे। यह निर्णय हमने ले लिया है। हम जनभावनाओं और आस्था का पूरा सम्मान करते हैं। तत्कालीन सरकार ने जनता के विश्वास और भावना को आघात पहुंचाने का काम किया था।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

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