देहरादून-दिल्ली के बीच जल्द फर्राटा भरेंगी सीएनजी बसें, चालकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
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देहरादून से दिल्ली के बीच जल्द ही सीएनजी बसें भी फर्राटा भर्ती नजर आएंगी। इसके लिए परिवहन निगम के चुनिंदा चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण समाप्त होते ही जरूरत के मुताबिक सीएनजी बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें, परिवहन निगम प्रबंधन ने सीएनजी बसें खरीदी हैं। फिलहाल ये बसें परिवहन निगम के वर्कशॉप में खड़ी हैं। हालांकि संचालन के लिए सभी बसों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन सीएनजी बसों के प्रशिक्षित चालक नहीं होने की संचालन नहीं हो पा रहा है। मंडलीय प्रबंधक सीपी कपूर ने बताया कि सीएनजी बसों के लिए चालकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
चालकों का प्रशिक्षण समाप्त होने के साथ ही बसों के संचालन को शुरू कर दिया जाएगा। दूसरी ओर महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि सीएनजी बसों को लेकर तमाम कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जरूरत के मुताबिक सीएनजी बसों का जल्द ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का प्रस्ताव निरस्त
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का प्रस्ताव फिलहाल निरस्त कर दिया गया है। महाप्रबंधक दीपक जैन के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में प्रति किलोमीटर 12 रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा था। इसकी प्रतिपूर्ति के लिए शासन से अनुरोध किया गया था, लेकिन इस संबंध में कोई सहमति नहीं मिलने की स्थिति में बसों का संचालन निरस्त कर दिया गया है।
बता दें, परिवहन निगम की ओर से देहरादून से नई दिल्ली और देहरादून से हल्द्वानी समेत कई मार्गों पर 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना था। परिवहन निगम प्रबंधन ने बसों के संचालन को लेकर प्रस्ताव भी तैयार कर लिया था।
संचालनकर्ता कंपनी से वार्ता भी हो चुकी थी, लेकिन निजी कंपनी ने किराए की जो दरें तय की थीं वे परिवहन निगम प्रबंधन के अनुकूल नहीं थीं। ऐसे में प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि कोरोना संकट के चलते यात्रियों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का कोई औचित्य ही नहीं है।