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उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का बड़ा बयान, 2022 में नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

Fri, 23 Oct 2020 06:12 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 23 Oct 2020 06:12 PM IST
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Uttarakhand Latest News: Cabinet Minister Harak Singh Rawat Big Statement That He Will not Fight Assembly Election 2020
हरक सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

भवन एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से बाहर होने से नाराज श्रम मंत्री और कोटद्वार के विधायक हरक सिंह ने 2022 का चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया है। अध्यक्ष पद के विवाद पर हरक ने सिर्फ यही कहा कि यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र में है, मुख्यमंत्री से बात करने के बाद ही इस पर कुछ कह पाएंगे।

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भवन एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड के पुनर्गठन के बाद से गरमाई सियासत को हरक सिंह रावत ने शुक्रवार को और गरमा दिया। हरक सिंह ने मीडिया कर्मियों से दून में अपने आवास पर कुछ देर के लिए बात की।
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उत्तराखंड: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन, अध्यक्ष पद से वन मंत्री हरक सिंह बाहर
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हरक बोर्ड के अध्यक्ष पद के विवाद पर तो नया कुछ नहीं बोले लेकिन उन्होंने यह साफ कह दिया कि वे 2022 का चुनाव नहीं लड़ेंगे। बकौल हरक भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन मंत्री को भी वे यह बता चुके हैं।

हरक के मुताबिक वे कई बार विधायक रह चुके हैं और अब उनकी इच्छा नहीं रह गई है। इतना कहने के बाद हरक ने यह भी साफ कर दिया कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे सक्रिय राजनीति से दूर हो जाएंगे।

दूसरी ओर, अध्यक्ष पद के विवाद पर हरक ने अब साफ-साफ दोहराया कि वे मुख्यमंत्री से बात करने के बाद ही कुछ कहेंगे। हरक के मुताबिक अध्यक्ष पद पर किसी को रखना या न रखना मुख्यमंत्री का अधिकार है।

राज्यसभा के लिए विजय बहुगुणा की पैरवी

इस समय सियासी झंझावात का सामना कर रहे हरक सिंह ने राज्यसभा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नाम की भी पैरवी की। प्रदेश से कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य राज बब्बर की राज्यसभा की सीट खाली हो रही है और इसके लिए चुनाव घोषित हो चुके हैं।

इस सीट पर भाजपा ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैैं। बता दें कि हरक 2016 में हरीश रावत की सरकार के दौरान बगावत कर विजय बहुगुुणा सहित अन्य आठ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। हरक के साथ ही सतपाल महाराज और सुबोध उनियाल इस समय भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल में हैं।

वो नहीं चाहते तो हम चुनाव लड़वाएंगे : इंदिरा हृदयेश
हरक की नाराजगी के कारण बढ़े हुए सियासी तापमान पर कांग्रेस की भी निगाह है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने तो साफ कहा कि हरक अगर चुनाव नहीं लड़ना चाहते तो हम चुनाव लड़वाएंगे। 2016 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत से नाराज हरक सिंह भाजपा नेताओं के संपर्क में थे और सदन में खुलकर बगावत करने तक हरक इस मुद्दे पर खामोश ही रहे। हाल यह था कि हरक ने सदन में बाकायदा अपने कृषि विभाग का बजट भी पास कराया और विपक्ष में बैठी भाजपा के सवालों का भी सहज होकर सामना किया। 

धारी के मंदिर में पूजा
श्रम एवं वन मंत्री हरक सिंह की श्रीनगर स्थित धारी देवी में अपार श्रद्धा है। बृहस्पतिवार को हरक सिंह धारी देवी के मंदिर भी गए और पूजा भी की। इससे पहले भी 2012 के मंत्री पद के विवाद के दौरान भी हरक धारी देवी के मंदिर में गए थे और इसके बाद उन्होंने कहा था कि वे मंत्री पद नहीं लेंगे, लेकिन बाद में हरक मंत्री बने भी।

दून में स्वास्थ्य परीक्षण, मीडिया से दूरी

हरक ने दिन भर समर्थकों सहित मीडिया से दूरी ही बनाकर रखी। उनके दोनों फोन बंद हैं और बताया जा रहा है कि कोविड पॉजिटिव होने के बाद से ही ये फोन बंद हैं। दिन में वे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए दून अस्पताल भी गए। इसके बाद वापस घर चले आए। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन मंत्री से मैंने कहा था कि मैं चुनाव नहीं लड़ना चाहता। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं राजनीति से सन्यास ले रहा हूं। जीवन की अंतिम सांस तक मैं प्रदेश के लोगों की सेवा करता रहूंगा। मैं धारी देवी के मंदिर गया था, वहां मैंने पूजा की। मैंने मां से यही मांगा कि मैं जीवन भर प्रदेश के लोगों की सेवा करता रहूं। 
- हरक सिंह रावत, श्रम एवं वन मंत्री

हरक सिंह से बात करेंगे बहुगुणा

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से बात करेंगे। बहुगुणा को भी मीडिया से हरक के बयान की जानकारी मिली। 2016 में हरक सिंह समेत नौ विधायक पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की अगुवाई में ही कांग्रेस में भाजपा में आए। हरक के चुनाव न लड़ने के एलान के संबंध में जब बहुगुणा से प्रतिक्रिया पूछी गई तो उनका कहना था कि वह उनसे बात करेंगे। 

हरक से अभी कोई बात नहीं हुई: भगत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से अभी कोई बात नहीं हुई है। 2022 का विस चुनाव न लड़ने के हरक सिंह के एलान पर भगत ने कहा कि वह इस बारे में तभी कुछ कह सकेंगे जब उनसे बात होगी।  

हरक सिंह ने निजी विचार व्यक्त किया: भसीन
चुनाव न लड़ने को लेकर हरक सिंह के बयान पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ.देवेंद्र भसीन ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है। उन्होंने चुनाव लड़ने की निजी इच्छा जाहिर की है। उन्होंने यह भी कहा है कि पहले उनके लिए पार्टी का निर्देश है और बाद में उनका विचार है। पार्टी के वरिष्ठ नेता देहरादून लौटेंगे और अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

हरक सिंह रावत सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जान को लेकर नाराज हैं। उनके बयान को इसी रूप में देखा जाना चाहिए है। 
-सुनील ध्यानी, केंद्रीय प्रवक्ता, उत्तराखंड क्रांति दल 

2022 का विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा हरक सिंह जी की व्यक्तिगत राय है। उन्होंने यदि कोई बात कही है, तो सोच समझकर कही होगी। उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी का जो निर्णय होगा, वे उसको सर्वोपरि मानेंगे।
- रेखा आर्य, महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री
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