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उत्तराखंड: कुमाऊं रेजीमेंट का हवलदार अरुणाचल में हुआ शहीद, चार महीने बाद होना था रिटायरमेंट

Mon, 14 Dec 2020 08:06 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 14 Dec 2020 08:06 PM IST
सार

  • मंगलवार देर रात काशीपुर लाया जाएगा मुकेश का पार्थिव शरीर

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Uttarakhand: Kumaon Regiment Havildar Mukesh Kumar Martyred in Arunachal pradesh before four months of Retirement
शहीद मुकेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरुणाचल के बोमडिला में तैनात कुमाऊं रेजीमेंट के हवलदार मुकेश कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। उनकी पार्थिव देह को मंगलवार रात तक काशीपुर लाया जाएगा।

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जिला मुरादाबाद (यूपी) के थाना डिलारी के ग्राम गक्खरपुर निवासी मुकेश कुमार (38) पुत्र स्व. ओमप्रकाश नौ कुमाऊं रेजीमेंट में हवलदार थे। करीब 10 वर्ष पूर्व वे काशीपुर के ग्राम नंदरामपुर में मकान बनाकर रहने लगे थे। इसी गांव में उनकी ससुराल भी है।
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तीन साल से मुकेश अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला में तैनात थे। रविवार दोपहर करीब तीन बजे यूनिट के अधिकारियों ने मुकेश के बड़े पुत्र विशाल कुमार को सूचना दी कि तुम्हारे पिता की हालत गंभीर है। करीब आधे घंटे बाद यूनिट से उसे पिता की शहादत की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया।
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मृतक के साले प्रधान पति रोहित कुमार ने बताया कि हवलदार मुकेश की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल आग लगने के कारण उनकी मौत होने की बात कही जा रही है।

चार अप्रैल 2021 को होना था सेवानिवृत्त

मृतक के परिवार में पत्नी नीलम और दो बेटे विशाल (18) एवं ऋषभ (15) हैं। उसके भाई मुनेश कुमार का रानीखेत में निजी व्यवसाय है जबकि दोनों बहनें बबली और कविता विवाहित हैं। 

शहीद हुए हवलदार मुकेश कुमार को चार अप्रैल 2021 को सेवानिवृत्त होना था। मुकेश का इरादा सेवानिवृत्त होने के बाद अपना कारोबार करने का था। मुकेश की इच्छा थी कि उनके दोनों बेटे बेहतर शिक्षा ग्रहण कर प्रशासनिक सेवा में जाकर देश सेवा करें।

उनके पिता ओमप्रकाश भी फौज में थे। वे रानीखेत कैंट छावनी से सेवानिवृत्त हुए थे। तीन साल पहले मुकेश के पिता का निधन हुआ था।

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