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फर्जी प्रमाणपत्रों से नियुक्ति: छह और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे की सिफारिश
Tue, 12 Nov 2019 08:14 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 12 Nov 2019 08:14 AM IST
सार
- एसआईटी जांच में आरोपी शिक्षकों के शैक्षिक, मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र पाए गए फर्जी
- तीन शिक्षक हरिद्वार जिले के ब्लॉक रुड़की के प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर के ही हैं
- एक शिक्षक टिहरी और दूसरा कालसी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल लोरली में है तैनात
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
एसआईटी जांच में छह और शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। शिक्षा निदेशालय को इनके खिलाफ जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति कर दी गई है।
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इनमें से तीन शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर रुड़की के ही हैं। जबकि एक टिहरी और दूसरा कालसी ब्लॉक का शिक्षक है। अब तक एसआईटी जांच में 79 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जा चुकी है।
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शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाणपत्रों से नियुक्ति को लेकर अमर उजाला की मुहिम अंतिम चरण में पहुंच गई है। शासन ने मुहिम का संज्ञान लेते हुए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों की झड़ी के साथ अमर उजाला की खबर पर मोहर लगती चली गई। ताजा मामला छह शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का है।
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बीटीसी की डिग्री फर्जी
टिहरी के मेहर गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक चंद्रपाल सिंह की बीटीसी की डिग्री फर्जी पाई गई है। यह डिग्री जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान मुरादाबाद में वर्ष 1983 के सत्र में बनना दर्शाई गई थी।
डिग्री पर जो अनुक्रमांक दर्शाया गया है वह कहीं रिकॉर्ड में ही नहीं है। इसी तरह कालसी ब्लॉक के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोरली के सहायक अध्यापक बाबू सिंह की बीटीसी डिग्री भी फर्जी पाई गई है। इस अनुक्रमांक की बीटीसी डिग्री तौफिक जोहरा के नाम पर जारी है।
एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय भौरी, विकास खंड रुड़की के शिक्षक गौतम पाल सिंह का अस्थाई निवास और जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। जांच में बात सामने आई है कि कूट रचित प्रमाणपत्रों से शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाई गई है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर रुड़की ने इंद्रवीर सिंह का स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र, रविंद्र सिंह का स्थायी प्रमाणपत्र और जयवीर सिंह का स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र कूटरचित मिला है। एसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सभी आरोपी छह शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति शिक्षा निदेशालय को भेज दी है।
50 प्रतिशत मामलों में ही मुकदमे
एसआईटी की तरफ से अब तक 79 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे की संस्तुति की गई है। इनमें से अब 50 प्रतिशत मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जबकि अन्य प्रकरण शिक्षा विभाग में विचाराधीन हैं। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार पहले ही संस्तुति के आधार पर मुकदमे दर्ज न होने पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है।