उत्तराखंड: आईएएस षणमुगम मामले में जांच पूरी, रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी
उत्तराखंड में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक वी षणमुगम प्रकरण की जांच पूरी कर मुख्य सचिव ओम प्रकाश को सौंप दी है। अपर मुख्य सचिव ने रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपे जाने की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने जांच का खुलासा करने से साफ इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य सचिव जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपेंगे।
बता दें कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव ने सितंबर माह के आखिरी हफ्ते में यह जांच अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार को सौंपी थी। उन्हें एक हफ्ते में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था। लेकिन जांच करीब एक माह बाद पूरी हुई।
इधर, जांच पूरी न होने को लेकर महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य भी असहज हो रही थीं। उन्होंने चिंता जाहिर की थी कि निदेशक और सचिव की अनुपलब्धता से विभाग के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ये है मामला
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर विभागीय राज्यमंत्री रेखा आर्य और निदेशक वी षणमुगम में तनातनी हो गई थी। राज्यमंत्री ने फोन उठाए जाने के बाद निदेशक के खिलाफ पुलिस में गुमशुदगी की तहरीर दे दी थी।
टेंडर को लेकर भी सवाल उठाए थे। रेखा आर्य ने अधिकारियों की एसीआर तलब की। इस विवाद मेें कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी कूद गए कि मत्रियों को सचिवों की एसीआर लिखने का अधिकार होना चाहिए। एसीआर विवाद के बहाने विपक्ष ने भी सरकार पर निशाने साधने शुरू कर दिए थे। तब मुख्यमंत्री को दखल देना पड़ा।
सीएम के जांच के आदेश पर ठंडा हो गया था विवाद
मुख्यमंत्री ने प्रकरण में दखल दिया था। उन्होंने विभागीय मंत्री रेखा आर्य से बात की। इसके बाद रेखा आर्य ने प्रकरण को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। साथ ही प्रकरण की जांच के आदेश भी कर दिए।