महंगाई बेलगाम: सालभर में दोगुने हुए सरसों के तेल के दाम, देहरादून में 200 रुपये तक पहुंची कीमत
पिछले करीब एक साल में सरसों और रिफाइंड तेल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जून 2020 में दून में सरसों के तेल के दाम 90 से 100 रुपये प्रति लीटर तक थे। वहीं, रिफाइंड की कीमतें 85 से 100 रुपये के बीच थी। लेकिन साल के अंदर सरसों के तेल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।
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पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दामों के बीच खाद्य तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। पिछले छह महीनों में रेट दोगुने तक पहुंच गया है। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। हालांकि पिछले करीब एक हफ्ते के दौरान कीमतों में कुछ कमी आई है। उसके बावजूद देहरादून के बाजार में सरसों का तेल 180 से 200 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है। 14 लीटर वाले टिन में भी तेल करीब 190 रुपये प्रति लीटर तक पड़ रहा है।
सोमवार को फुटकर बाजार में फार्च्यून का 14 लीटर टिन 2500 से 2540 रुपये तक बिका। वहीं, पतंजलि, पी मार्क का तेल भी करीब इसी कीमत पर बिका। दूसरी ओर कच्ची घनी एक लीटर फॉर्च्यून 185 से 200, पतंजलि 190 से 205, धारा 230 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। हालांकि स्थानीय ब्रांड की कीमतों में 10 से 15 रुपये तक का अंतर है। थोक और फुटकर कीमतों में 15 से 25 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर है। दून के हनुमान चौक, धर्मपुर बाजार, जाखन, बल्लूपुर, सीमाद्वार, रायपुर बाजार में कीमतों में दो-तीन रुपये प्रति लीटर का ही अंतर है।
रिफाइंड की कीमतें भी बढ़ी
सरसों तेल के साथ ही रिफाइंड की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। सनलाइट रिफाइंड फॉर्च्यून एक लीटर 176 से 179 रुपये, सोया रिफाइंड 164 रुपये, धारा सनफ्लावर 174 रुपये, सफोला गोल्ड 185 रुपये, नेचर फ्रेश सनफ्लावर 200 रुपये, जेमिनी रिफाइंड राइस ब्रोन 165 रुपये, प्रिया सनफ्लावर 174 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
बोले व्यापारी, आने वाले दिनों में कम होंगे रेट
दून में 20 से 25 प्रकार के सरसों के तेल उपलब्ध हैं। फुटकर में 180 से 200 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कुछ दिनों में 10 रुपये प्रति लीटर तक दाम गिरे हैं।
-विनोद गोयल, व्यापारी
पिछले महीने सरसों के तेल के दाम 220-230 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए थे। जो अब कुछ कम हुए हैं। आने वाले दिनों में दाम में और गिरावट के आसार हैं।
-मनोज कुमार गोयल, व्यापारी
उत्तराखंड में 70 फीसदी खाने वाला तेल मलेशिया और इंडोनेशिया से आता है। सोयाबीन रिफाइंड ब्राजील व अर्जेंटीना, सनफ्लॉवर यूक्रेन से मंगाया जाता है। इन सभी देशों में सरसों की फसल कम होने से दामों में बढ़ोतरी हुई है। अब हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सरसों की कटाई होने वाली है, इससे तेल की कीमतों में कमी की उम्मीद है।
- राजेंद्र प्रसाद गोयल, प्रदेश संयोजक, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
सरसों के दाम में उछाल से भी कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। सरसों की कीमत 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। स्थानीय कोल्हू पर भी कच्ची घानी का तेल करीब 200 रुपये किलो बिक रहा है। सेलाकुई, विकासनगर में भी कुछ तेल मिलें हैं। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में अब सरसों की कटाई होगी। नई सरसों आने के बाद कीमतों में कुछ कमी आ सकती है।
-विजय थपलियाल, मंडी सचिव
पहले विदेश से ब्लेंड ऑयल आता था, जो सरसों तेल में मिलाया जाता था। अब केंद्र सरकार ने ब्लेंड ऑयल पर ड्यूटी बहुत अधिक बढ़ा दी है। इस कारण पर्याप्त मात्रा में ब्लेंड ऑयल नहीं आयात हो पा रहा है। भारतीय बाजार में जो तेल है, उसका ही इस्तेमाल हो रहा है। अब ज्यादातर कच्ची घानी का तेल है, जिसमें ब्लेंड ऑयल नहीं मिला है। इसलिए भी कीमतों में इजाफा हुआ है।
-अजय डबराल, मंडी निरीक्षक