Uttarakhand : इस बार 31 मिमी. बारिश कम तो भी मानसून होगा सामान्य
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प्रदेश में इस वर्ष 31 मिमी कम बारिश होने के बावजूद भी मानसून सामान्य माना जाएगा। मानसून के एक दिन पहले राज्य में दस्तक देने की संभावना है। वहीं, वापसी सामान्य समय पर ही होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने कुछ दिन पूर्व देश में मानसून सामान्य रहने की संभावना व्यक्त की है।
इसके आधार पर प्रदेश में भी मानसून सामान्य रहने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार देश में मानसून सामान्य होने पर उत्तराखंड में हमेशा सामान्य या उससे बेहतर मानसून रहता है। बंगाल की खाड़ी से चलने वाली और दक्षिण पूर्वी हवाओं का असर उत्तराखंड पर रहता है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ से भी यहां बारिश होती है।
आमतौर पर प्रदेश में 22 जून को मानसून पहुंचता है, जो इस साल एक दिन पहले 21 जून को पहुंच सकता है। पिछले वर्षों तक 22 जून से 28-29 सितंबर तक प्रदेश में 1229.1 मिमी बारिश होने पर मानसून को सामान्य माना जाता था।
इसमें 19 मिलीमीटर कम या ज्यादा भी सामान्य की ही श्रेणी में शामिल होती है, लेकिन इस वर्ष 1198 मिलीमीटर बारिश होने पर मानसून को सामान्य माना जाएगा। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए 1198 मिमी बारिश का पैमाना तय किया है। जिससे प्रदेश में 31 मिमी कम बारिश होने पर भी मानसून सामान्य माना जाएगा।
हिमालय का भी मिलेगा फायदा
मानसून सीजन के दौरान उत्तराखंड को हिमालय से काफी फायदा मिलता है। इस दौरान पछुवा हवा हिमालय से टकराकर खूब बारिश करती है। मानसून सामान्य रहने पर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होती है।
रिचार्ज होंगे जल स्रोत, खेती-बागवानी को फायदा
मानसून सामान्य रहने से जहां पानी के प्राकृतिक जल स्रोत रिचार्ज होंगे, वहीं खेती-बागवानी को भी फायदा मिलेगा। इस दौरान नदियों के जल स्तर में भी सुधार होता है। अच्छे मानसून सीजन का असर ग्लेशियरों पर भी पड़ता है।