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उत्तराखंड: मंत्री बोलीं, दूसरे दिन भी नहीं मिली निदेशक की अधिकारिक सूचना, न ही मिली टेंडर से जुड़ी फाइल
Thu, 24 Sep 2020 12:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 24 Sep 2020 12:16 PM IST
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रेखा आर्य
- फोटो : File Photo
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महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि बुधवार दूसरे दिन भी उन्हें विभाग के निदेशक के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। वहीं आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़ी पत्रावली भी उन्हें अब तक नहीं मिली।
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राज्यमंत्री रेखा आर्य ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को पत्र में बताया कि उनके विभाग के निदेशक वी षणमुगम 20 सितंबर से गायब हैं। उनका फोन भी बंद है कई बार संपर्क करने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। आर्य के अनुसार या तो किसी ने उनका अपहरण कर लिया है या फिर वह खुद ही भूमिगत हो गए हैं।
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आर्य का कहना है कि विभाग में मानव संसाधन आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। इसमें घोर अनियमितता एवं धांधली सामने आ रही है। उन्होंने विभाग के निदेशक से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन 20 सितंबर से उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली।
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उधर, विभाग की एक अधिकारी का कहना है कि विभाग के निदेशक वी षणमुगम आइसोलेशन में है। जबकि आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़ी पत्रावली विभाग के एक अधिकारी के माध्यम से विभाग की मंत्री तक पहुंचा दी गई है।
धांधली पर इस्तीफा दें राज्यमंत्री : भट्ट
जिला पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने कहा कि महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन में धांधली पर विभागीय राज्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्री का अपने अधीनस्थ निदेशक के अपहरण व गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को देना और एक आईएएस का अपने मंत्री को सूचना दिये बिना छुट्टी पर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
निदेशक पर मंत्री के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि विभागीय राज्यमंत्री को अपने विभाग में हो रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हस्तक्षेप करना चाहिए।