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उत्तराखंडः मुख्यमंत्री के आदेश के पालन में शासन कितना गंभीर, इसकी बानगी देखिए

Thu, 19 Dec 2019 09:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 19 Dec 2019 09:53 AM IST
सार

  • 15 दिन में होनी थी जांच, 19 दिन में कमेटी ही बन पाई 
  • आदर्श सांसद ग्राम योजना की समीक्षा बैठक में सीएम ने दिए थे आदेश 
  • कांग्रेस राज्यसभा सांसद राजबब्बर के आदर्श गांव लामबगड़ का है मामला

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Uttarakhand: How serious the government is in following orders of Chief Minister
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

विस्तार

मुख्यमंत्री के आदेश के पालन में शासन कितना गंभीर है, इसकी बानगी आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत सीएम की ओर से जांच के दिए गए आदेश को लेकर सामने आई है।

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सीएम ने 14 नवंबर को कमेटी का गठन कर 15 दिन में जांच करने का आदेश अधिकारियों को दिया था। हद यह हुई कि इस मामले में कमेटी का गठन ही चार दिसंबर को हुआ। जाहिर है कि जांच अभी जारी है।
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मामला उत्तराखंड के राज्यसभा सदस्य राज बब्बर की ओर से आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत चमोली में गैरसैंण के समीप लामबगड़ गांव का है। 14 नवंबर को आदर्श सांसद गांवों की समीक्षा बैठक सचिवालय में हुई थी और सांसद प्रतिनिधि मोहन नेगी की शिकायत थी कि गांव में विकास का काम अपूर्ण है।

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इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की तैयारी

इस पर बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने अधिकारियों को कमेटी का गठन कर 15 दिन में जांच पूरी करने के आदेश दिए थे। हद यह हुई कि इस मामले में कमेटी का गठन ही चार दिसंबर को यानी 19 दिन बाद हुआ।  सांसद प्रतिनिधि मोहन नेगी अब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की तैयारी कर रहे हैं।

कार्यवृत्त देर से जारी किया, आधा अधूरा ही बनाया 

पहले तो बैठक का कार्यवृत्त ही देर से जारी हुआ। इसके बाद कमेटी का गठन ही चार दिसंबर को हुआ। जांच अभी जारी है और कार्यवृत्त में प्रतिनिधि के रूप में उठाई गई बहुत सारी बातों को शामिल ही नहीं किया गया। यहां तक की टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह की ओर से उठाए गए मामलों को भी कार्यवृत्त में शामिल नहीं किया गया। अब इसकी शिकायत सीएम से की जाएगी। 
- मोहन नेगी, प्रतिनिधि, राज्यसभा सदस्य राजबब्बर 

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