उत्तराखंड: उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, निदेशक समेत चार सस्पेंड
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छात्रों को गलत दाखिलों और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों पर प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशक डा. बीसी मलकानी सहित चार प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है। पहली बार प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
निलंबन के आदेश छात्रा मीमांशा आर्य और प्रकाश चंद्र पनेरू को नियमविरुद्ध दाखिलों के अलावा वित्तीय अनियमितताओं के चलते जारी किए गए हैं। राजकीय स्नातकोत्तर एमबी महाविद्यालय हल्द्वानी में वर्ष 2013-14 में छात्रा मीमांशा आर्य फाइनल परीक्षा में फेल हो गई थी।
दोबारा उसी कालेज में छात्रा को 2014-15 सत्र में उन्हीं विषयों में प्रवेश दे दिया गया। इसी प्रकार, प्रकाश चंद्र पनेरू को सत्र 2014-15 में प्रथम वर्ष में अनुत्तीर्ण होने के बाद गलत शपथ पत्र के आधार पर सत्र 2015-16 में दाखिला दे दिया गया।
अराजकता व अनियमितताएं पकड़ में आई
इसके अलावा कई छात्रों को प्रवेश फॉर्म पर किसी अधिकारी का हस्ताक्षर न होने के बावजूद प्रवेश शुल्क जमा कराया गया। यूजीसी से मिली ग्रांट का समय पर इस्तेमाल करने के बजाए पैसा वापस भेज दिया गया।
दाखिलों में कालेज में भारी अराजकता व अनियमितताएं पकड़ में आई हैं। इन सभी आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने तत्कालीन प्राचार्य एवं वर्तमान उच्च शिक्षा निदेशक डा. बीसी मलकानी, तत्कालीन संविदा सहायक प्राध्यापक डा. एनके लोहनी, तत्कालीन एसोसिएट प्रोफेसर डा. एसएस उनियाल और वर्तमान प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
इनमें से डा. मलकानी को तो सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग में संबद्ध किया गया है जबकि डा. एनके लोहनी को उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी, डा. जगदीश प्रसाद को राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग और डा. उनियाल को उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी अटैच कर दिया गया है। सूबे में इस तरह की अनियमितताओं पर पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।