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राजाजी नेशनल पार्क में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट सख्त, एक जुलाई तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
Fri, 19 Jun 2020 11:10 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 19 Jun 2020 11:10 PM IST
सार
- राजाजी नेशनल पार्क के भीतर कुनाउ गांव में हो रहे भारी निर्माण कार्यों का मामला
- हाईकोर्ट ने कहा-रिजर्व फॉरेस्ट भूमि पर नहीं किया जा सकता किसी तरह का कब्जा
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हरिद्वार से 14 किलोमीटर आगे राजाजी नेशनल पार्क के भीतर कुनाउ गांव मे हो रहे भारी निर्माण कार्य के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि रिजर्व फॉरेस्ट भूमि पर किसी तरह का कब्जा नहीं किया जा सकता है।
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कोर्ट ने अवैध रूप से कब्जा करने वालों को हटाकर 1 जुलाई तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि स्वामी चिदानंद मुनि के नाम पर वहां कोई भी भूमि रिकॉर्ड में नहीं है।
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सरकार ने बताया कि गांव में 36 परिवार रहते हैं जिनकी लीज भी समाप्त हो चुकी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई।
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हरिद्वार निवासी अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि स्वामी चिदानंद मुनि की ओर से हरिद्वार से 14 किलोमीटर आगे राजाजी नेशनल पार्क के भीतर कुनाऊ गांव में फॉरेस्ट की भूमि पर 2006 से भारी निर्माण कार्य फॉरेस्ट चौकी कर्मियों की नजरों के सामने किया जा रहा है।
इसके बावजूद वन विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। याचिकाकर्ता ने इस निर्माण कार्य पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।