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उत्तराखंड: अमरमणि त्रिपाठी और पत्नी मधुमणि की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Thu, 07 Oct 2021 08:59 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 07 Oct 2021 08:59 PM IST
सार
नौ मई 2003 को कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या का आरोप यूपी के पूर्व विधायक और केबिनेट मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर था।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने चर्चित मधुमिता हत्याकांड में आजीवन सजा काट रहे यूपी के बाहुबली पूर्व सपा नेता अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तराखंड सरकार से 28 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
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न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अमरमणि त्रिपाठी की पत्नी मधुमणि ने याचिका दायर कर कहा था कि वह 18 वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं। इस दौरान उनका आचरण अच्छा रहा है। इसी वर्ष उन्होंने अपनी सजा की माफी के लिए उत्तराखंड के राज्यपाल और गृह सचिव से मई से लेकर सितंबर के बीच कई बार गोरखपुर जेल प्रशासन के माध्यम से आवेदन किया था लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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याचिका में कहा गया कि न्यायालय ने भी इस पर निर्णय लेने को कहा था। उन्होंने इस आधार पर कोर्ट से उन्हें जमानत दिए जाने की मांग की। प्रख्यात कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में सेशन कोर्ट देहरादून ने वर्ष 2004 में अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट से भी जमानत न मिलने पर तब से अभियुक्त देहरादून, हरिद्वार व गोरखपुर की जेल में रहे।
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ये है पूरा मामला
बता दें कि नौ मई 2003 को कवियत्री मधुमिता शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या का आरोप यूपी के पूर्व विधायक और केबिनेट मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर था। मधुमिता की अपील पर मामला उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड ट्रांसफर कर दिया गया था। हत्याकांड के चार साल बाद 2007 में देहरादून सत्र एवं जिला न्यायालय ने अमरमणि को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2007 में उच्च न्यायालय नैनीताल ने इस सजा को बरकरार रखा था।