आईएएस स्टिंग केस: पुलिस को हाईकोर्ट ने दिया झटका, उमेश शर्मा के नार्को टेस्ट की याचिका खारिज
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आईएएस स्टिंग ऑपरेशन केस में फंसे टीवी चैनल के सीईओ उमेश शर्मा के नार्को टेस्ट को लेकर हाईकोर्ट ने पुलिस को झटका दिया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की याचिका को खारिज कर दिया है।
वहीं कोर्ट ने उमेश शर्मा की जमानत याचिका को लेकर सीजेएम कोर्ट को कल 16 नवंबर को सुनवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री के भाई, संजय गुप्ता और जांच अधिकारी(आई.ओ.) को नोटिस जारी करने के लिए भी कहा है।
इसके बाद अब नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट करने की याचिका को सरकार ने कोर्ट में मामला चलने तक के लिए वापस ले लिया है । बता दें कि, जेल में बंद उमेश शर्मा का पुलिस नार्को टेस्ट कराना चाहती है। इस बाबत पुलिस ने अनुमति के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था।
इस पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया था। गौरतलब है कि 28 अक्तूबर को पुलिस ने उमेश शर्मा को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था।
अगले दिन 29 अक्तूबर को न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने उमेश शर्मा को सात घंटे की कस्टडी रिमांड में लेकर इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के पासवर्ड आदि के बारे में भी पूछताछ की थी, मगर पुलिस को इसमें कोई सफलता नहीं मिली थी।
इस पर पुलिस ने उसकी पांच दिन की और कस्टडी रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों को सुनकर पुलिस की अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसका नार्को टेस्ट कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए बुधवार को राजपुर पुलिस ने अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था।
चार की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुकी है हाईकोर्ट
इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आरोपी बने राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुकी है। इस प्रकरण पर चैनल के ही आयुष गौड़ ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
10 अगस्त को आयुष गौड़ की ओर से देहरादून के राजपुर थाने में उमेश शर्मा, राहुल भाटिया, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ एफआईआर कराई थी। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 386, 388 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया।