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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने दिए हटाए गए सहायक लेखाकारों को बहाल करने के निर्देश, 28 अगस्त को अगली सुनवाई
Tue, 18 Jun 2024 10:19 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 18 Jun 2024 10:19 PM IST
सार
अजय कनवाल व 19 अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से सहायक लेखाकार के पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली थी लेकिन इन भर्तियों में उन्हें कोई प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने कृषि विभाग से हटाए गए सहायक लेखाकारों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ ने कहा कि जब तक सरकार की सर्वोच्च न्यायालय में लंबित स्पेशल अपील, राज्य सरकार बनाम किशन सिंह मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता तब तक उनकी सेवा बहाल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
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उपनल के माध्यम से सहायक लेखाकार के पद पर कार्यरत अजय कनवाल व 19 अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से सहायक लेखाकार के पदों के लिए विज्ञप्ति निकाली थी लेकिन इन भर्तियों में उन्हें कोई प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। एकलपीठ ने उन्हें कोई फौरी राहत नहीं दी। इसी बीच, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने विज्ञप्ति को निरस्त कर दिया और लोक सेवा आयोग के माध्यम से इन पदों के लिए नई विज्ञप्ति जारी हुई। 27 फरवरी 2024 को उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
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एकलपीठ के आदेश को अजय कनवाल और अन्य ने स्पेशल अपील दायर कर खंडपीठ में चुनौती दी। स्पेशल अपील में कहा गया कि कुंदन सिंह बनाम राज्य सरकार में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कार्मिकों के नियमितीकरण का आदेश दिया है, जिस पर राज्य सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दिया। याचिका में कहा गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के बाद भी उनकी सेवा क्यों समाप्त की गई। इसके बाद खंडपीठ ने सरकार ने इन कार्मिकों के बहाली के आदेश दिए हैं।