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Uttarakhand: हाईकोर्ट के निर्देश, उत्तरकाशी में सभी धार्मिक स्थलों में कानून व्यवस्था बनाएं, DGP से मांगा जवाब
Fri, 22 Nov 2024 09:38 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 22 Nov 2024 09:38 PM IST
सार
उत्तरकाशी की अल्पसंख्यक सेवा समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि बीते 24 सितंबर से कुछ संगठन भटवाड़ी रोड स्थित सुन्नी सुमदाय की मस्जिद को अवैध बताकर उसे ध्वस्त करने की धमकी दे रहे हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के भटवाड़ी रोड स्थित मस्जिद विवाद मामले में मस्जिद की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने उत्तरकाशी के डीएम और एसएसपी को वहां स्थित सभी धार्मिक स्थलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने डीजीपी को 27 नवंबर तक स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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उत्तरकाशी की अल्पसंख्यक सेवा समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि बीते 24 सितंबर से कुछ संगठन भटवाड़ी रोड स्थित सुन्नी सुमदाय की मस्जिद को अवैध बताकर उसे ध्वस्त करने की धमकी दे रहे हैं। इस वजह से वहां दोनों समुदासों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। याचिका में मस्जिद की सुरक्षा करने के आदेश राज्य सरकार को दिए जाने की गुहार लगाई गई है। इसमें कहा गया कि मस्जिद वैध है जो 1969 में जमीन खरीद कर बनाई गई। 1986 में वक्फ कमिश्नर ने भी इसका निरीक्षण किया और मस्जिद वैध पाई गई।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस तरीके के भड़काऊ बयान देना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आदेश दिए हैं कि अगर किसी जाति, धर्म या समुदाय के लिए भड़काऊ बयान का सहारा लिया जाता है तो राज्य सरकारें सीधे मुकदमा दर्ज करें लेकिन उत्तराखंड सरकार ने अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है।