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उत्तराखंड: पतंजलि की कोनोनिल दवा मामले में हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से मांगा जवाब

Mon, 13 Jul 2020 08:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 13 Jul 2020 08:57 PM IST
सार

  • मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि नियत

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Uttarakhand High court order to give response from all parties in Patanjali Corona medicine case
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी की कोरोना दवा मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार सहित सभी विपक्षीगणों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि नियत की है। 

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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अधिवक्ता मनि कुमार ने हाईकेर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बाबा रामदेव व उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना वायरस से निजात दिलाने के लिए पतंजलि योगपीठ की दिव्य फार्मेसी कंपनी की कोरोनिल दवा लांच की है।
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कहा कि इस मामले में दिव्य फार्मेसी ने आईसीएमआर द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन नहीं किया है और न ही आयुष मंत्रालय भारत सरकार से कोई अनुमति ली गई। याचिका में कहा कि आयुष विभाग उत्तराखंड से कोरोना की दवा बनाने की बजाय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के नाम पर लाइसेंस लिया गया है, जबकि दावा कोरोना को ठीक होने का दावा किया गया।

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दावा: क्लिनिकल परीक्षण तक नहीं किया गया

कंपनी ने निम्स विश्वविद्यालय राजस्थान द्वारा दवा का परीक्षण करने का भी दावा है, जबकि नीम्स का कहना है कि उन्होंने ऐसी किसी भी दवा का क्लिनिकल परीक्षण नहीं किया है। याचिका में कहा कि इस दवा का अभी तक क्लिनिकल परीक्षण तक नहीं किया गया।

इसके उपयोग से शरीर में क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं इसका कोई इतिहास नहीं है। इसलिए दवा पर पूर्ण रोक लगाई जाए और आईसीएमआर की गाइड लाइन के आधार पर भ्रामक प्रचार के लिए संस्था पर कानूनी कार्रवाई की जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार सहित अन्य से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

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