फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High court: Government Demand to dismiss Subramanian Swamy's petition on Chardham Devasthanam Act

देवस्थानम एक्ट: रूलक संस्था और राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से की सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका निरस्त करने की मांग

Wed, 01 Jul 2020 11:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 01 Jul 2020 11:45 PM IST
सार

  • रूलक संस्था व सरकार ने कहा- पारदर्शिता से बना है देवस्थानम एक्ट

विज्ञापन
Uttarakhand High court: Government Demand to dismiss Subramanian Swamy's petition on  Chardham Devasthanam Act
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट में भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की ओर से चारधाम देवस्थानम एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान रूलक संस्था ने एक्ट का समर्थन करते हुए जनहित याचिका निरस्त करने की मांग की। रूलक संस्था और राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एक्ट पूरी पारदर्शिता से बनाया गया है।

विज्ञापन


 मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। इस प्रकरण पर कोर्ट में रूलक संस्था ने एक्ट का समर्थन करते हुए जनहित याचिका निरस्त करने की मांग की। रूलक संस्था और राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एक्ट पूरी पारदर्शिता से बनाया गया है। इसमें मंदिरों के चढ़ावे का रिकॉर्ड दर्ज हो रहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई बृहस्पतिवार 2 जुलाई को भी जारी रखी है।
विज्ञापन



मामले के अनुसार देहरादून की संस्था रूलक ने सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की दायर जनहित याचिका निरस्त करने को प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम के प्रबंधन के लिए लाया गया देवस्थानम बोर्ड अधिनियम सांविधानिक है। इसके जरिए सरकार चारधाम और 51 अन्य मंदिरों का प्रबंधन लेना संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन नहीं है। चार धाम यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने बोर्ड अधिनियम बनाकर मंदिरों का प्रबंधन लिया है। इससे कहीं भी हिंदू धर्म की भावनाएं आहत नहीं हो रहीं हैं। संस्था का कहना है कि सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका निराधार है, इसलिए इसे निरस्त किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed