फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand high court For water problem in 672 village 

यहां 672 गांवों में लोगों को मिल रहा हर रोज सिर्फ 5 लीटर से भी कम पानी, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

Mon, 17 Dec 2018 10:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 17 Dec 2018 10:11 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand high court For water problem in 672 village 
court - फोटो : PTI

पर्वतीय जिलों में पानी की समस्या का मामला अब उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के पत्र को एक जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा कि हर व्यक्ति को पानी मिलना चाहिए। कोर्ट में सरकार का जवाब भी चौंकाने वाला रहा।

विज्ञापन


सरकार के बताया कि प्रदेश के 672 गांवों में पांच लीटर प्रति व्यक्ति से कम पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है। कोर्ट ने सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए सात जनवरी को सुनवाई करना तय किया है। 
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए सुनवाई की। 

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका में कहा गया कि अल्मोड़ा और बागेश्वर में महिलाएं दूर से पानी लाकर गुजारा कर रही हैं। पहाड़ी जिलों में ये समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में 40 लीटर प्रति व्यक्ति पानी दिया जा रहा है।

672 गांवों में पांच लीटर से कम प्रति व्यक्ति पानी मिल रहा है। कोर्ट ने सरकार को प्रदेश के 672 गांवों में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। सचिव ने अल्मोड़ा और बागेश्वर के दौरे के दौरान इस समस्या को करीब से देखा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed