हाईकोर्ट ने नानकमत्ता साहिब प्रबंध कमेटी के वित्तीय अधिकार किए सीज, पढ़ें पूरा मामला
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हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंधन कमेटी के अधिकार सीज करते हुए जिलाधिकारी को पांच सप्ताह के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का अधिकार लेने का निर्णय दिया है।
ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंध कमेटी के प्रबंधन का विवाद एक बार पुन: उभर आया है। हाईकोर्ट द्वारा 13 नवंबर 2018 को दिए गए निर्णय के अनुसार गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब के वित्तीय व अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने के अधिकार सीज कर दिए गए हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान जसविंदर सिंह गिल की ओर से हाईकोट में दायर याचिका पर निर्णय देते हुए न्यायाधीश सुधांशु धूलिया द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार गुरुद्वारा साहिब में नियमित होने वाले कार्य लंगर, प्रसाद, सेवादारों के वेतन के साथ ही अन्य कार्य के लिए ऊधमसिंह नगर के डीएम की अनुमति आवश्यक होगी।
बता दें कि 18 वर्षों तक न्यायालय में चले वाद के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर न्यायालय के रजिस्ट्रार की मौजूदगी में गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी का चुनाव हुआ था। तीस सदस्यीय कमेटी के चुनाव के बाद दिसंबर 2016 को जसविंदर सिंह गिल गुरुद्वारे के प्रधान बने थे।
चुनाव अधिकारी द्वारा डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के उपरांत कोर्ट कमिश्नर विवेक द्विवेदी ने गिल की जगह पर सेवा सिंह को 30 जून 2018 को शेष बचे साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब का प्रधान नियुक्त कर दिया था।
जिसको लेकर जसविंदर सिंह गिल ने हाईकोट में वाद दायर किया था। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधन को लेकर उभरे नए विवाद के चलते गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन को लेकर विवाद एक बार पुन: चरम पर पहुंचने की संभावना है।