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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दून घाटी के स्लॉटर हाउस पर डीएम से मांगी रिपोर्ट
Tue, 03 Mar 2020 12:07 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 03 Mar 2020 12:07 AM IST
सार
- पूछा, कितने स्लॉटर हाउस हैं जिनके पास भारत सरकार की एनओसी
- जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने की याचिका पर हुई सुनवाई
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर रोक लगाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद जिलाधिकारी को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश कर यह बताने को कहा है कि दून घाटी में कितने स्लॉटर हाउस हैं, जिनके पास भारत सरकार की एनओसी है।
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कोर्ट ने यह भी पूछा है कि ऐसे कितने स्लॉटर हाउस रेड कैटेगरी में हैं जिनका रोजाना वेस्टेज 500 किलो लीटर से अधिक है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की है।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी वरुण सोबती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि केंद्र सरकार ने एक आदेश जारी कर दून वैली को रेड जोन में रखा है।
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याचिका में कहा कि देहरादून में कोई भी स्लॉटर हाउस न होने के बावजूद जिंदा जानवरों का दून वैली में आयात किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने दून वैली में जिंदा जानवरों के आयात पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की थी।
कहा कि इस संबंध में देहरादून घाटी के लिए 1989 व 2020 में अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी हुए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि चीन में कोरोना वायरस भी पशुओं की मंडी से फैला है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की।