{"_id":"5d1ee4478ebc3e3c69286b1e","slug":"uttarakhand-high-court-ask-secretary-panchayati-raj-for-fraud","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड हाईकोर्ट सचिव पंचायती राज से पूछा, घपले में शामिल लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड हाईकोर्ट सचिव पंचायती राज से पूछा, घपले में शामिल लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
Fri, 05 Jul 2019 11:19 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 05 Jul 2019 11:19 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर के जसपुर के ग्राम मनोरथपुर में ग्राम प्रधान द्वारा सरकारी योजनाओं में की गई वित्तीय अनियमितता के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में सचिव पंचायती राज से पूछा है कि पूर्व में आदेश पारित होने के बाद भी आपने घपले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। मामले में कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नही किया गया। कोर्ट ने इस पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मनोरथपुर जसपुर ऊधमसिंह नगर निवासी जसवीर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ग्राम प्रधान द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। प्रधान ने आवासों के आवंटन में अपने ससुर रईस को आवास दिया, जबकि उसी नाम के दूसरे व्यक्ति रईस के नाम से आवास का आवंटन हुआ था। इसके अलावा मरे हुए व्यक्तियों के नाम शौचालय स्वीकृत कराए गए।
विज्ञापन
पूर्व में कोर्ट ने जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। मामले में जिलाधिकारी की ओर से कराई गई जांच में एक लाख तीस हजार रुपये का घपला सामने आया था, किंतु जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को इस धनराशि पर एक तिहाई अधिभार लगाकर व चेतावनी देकर छोड़ दिया था। कोर्ट ने जिलाधिकारी की इस रिपोर्ट पर सचिव पंचायती राज से कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था । सचिव ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट न देकर जिलधिकारी की जांच रिपोर्ट पेश की। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि खंड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी व अवर अभियंता के खिलाफ जसपुर थाने में दो जुलाई को मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
विज्ञापन