फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court Approved Bail to former District Panchayat Raj officer arrested in bribery case

Uttarakhand HC: रिश्वत मामले में गिरफ्तार पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी की जमानत मंजूर, जानें पूरा मामला

Tue, 06 Feb 2024 10:46 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 06 Feb 2024 10:46 PM IST
सार

याचिकाकर्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी को विजिलेंस की टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत हिमांशु ठेकेदार यानि रिंकू सिंह से ली जा रही थी।

विज्ञापन
Uttarakhand High Court Approved Bail to former District Panchayat Raj officer arrested in bribery case
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस टीम की ओर से गिरफ्तार ऊधमसिंह नगर के पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी की जमानत मंजूर कर ली है। उन पर एक ठेकेदार के बिलों का भुगतान करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई।

विज्ञापन


याचिकाकर्ता रमेश चंद्र त्रिपाठी को विजिलेंस की टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत हिमांशु ठेकेदार यानि रिंकू सिंह से ली जा रही थी। रिंकू सिंह को विभाग ने 60 लाख का भुगतान करना था। त्रिपाठी पर इस भुगतान के लिए छह लाख रुपये रिश्वत मांगने व पहली किस्त के रूप में एक लाख लेने का आरोप है ।
विज्ञापन


रमेश चंद्र त्रिपाठी के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में उनकी सीधी भागीदारी नहीं है। उक्त ठेकेदार ने वाटर कूलर स्थापित किए, जिसका अनुबंध इस फर्म द्वारा ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से किया जाना था और उस अनुबंध के संबंध में संपर्क देने या कोई भुगतान करने में आवेदक की कोई भूमिका नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


Inspector Recruitment Scam: एक साल से निलंबित सभी 20 दरोगा हुए बहाल, एक की हो चुकी मौत


उक्त ठेका हिमांशु ठेकेदार को दिए जाने के संबंध में अनिल कुमार कंबोज द्वारा शिकायत की गई थी कि ग्राम विकास अधिकारी मीनू आर्य द्वारा उक्त फर्म की प्रमाणिकता की जांच किए बिना उक्त ठेका हिमांशु ठेकेदार को दे दिया गया था। फर्म जीएसटी के उद्देश्य से पंजीकृत नहीं थी और वाटर कूलर पर एचएसएन नंबर भी नहीं है।

अनिल कुमार काम्बोज द्वारा की गई शिकायत जिला मजिस्ट्रेट ऊधमसिंह नगर ने संज्ञान लिया और विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। उक्त शिकायत के आधार पर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि उक्त ठेकेदार को क्यों ठेका दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed