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उत्तराखंड: हाइकोर्ट ने पीएसी से जुड़े याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में सशर्त बैठने की दी अनुमति
Fri, 19 Feb 2021 10:06 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 19 Feb 2021 10:06 PM IST
सार
- वाहन चालक कांस्टेबल की याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में मांगा जवाब
- पुलिस रैंकर्स उपनिरीक्षक व हेड कांस्टेबल के पदों पर भर्ती का मामला
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नैनीताल हाइकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
नैनीताल हाइकोर्ट ने पुलिस रैंकर्स उपनिरीक्षक व हेड कांस्टेबल के पदों में 21 फरवरी को होने वाली विभागीय पदोन्नति परीक्षा को चुनौती देने वाली पीएसी से जुड़े याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें सशर्त परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है।
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हालांकि वाहन चालक कांस्टेबल की याचिकाओं पर सरकार को दो सप्ताह के भीतर जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली है। कोर्ट ने विभाग से याचिका के निस्तारण तक रैंकर्स भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित न करने को कहा है।
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न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मो. इखलाख व अन्य की याचिका में कहा गया है कि वे 2013 तक पीएसी में थे, जबकि 2013 में उन्हें सशस्त्र पुलिस में ले लिया गया। इसलिए वे रैंकर्स दरोगा पद की पदोन्नति परीक्षा के योग्य हैं।
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कोर्ट ने उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है, जबकि वाहन चालक सज्जन सिंह व 5 अन्य ने याचिका दायर कर कहा था कि वे पुलिस विभाग में ड्राइवर कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने भी इन पदों के लिए आवेदन किया, किंतु विभाग ने उनके आवेदन को यह कह कर निरस्त कर दिया कि वे ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं और इन पदों के योग्य नहीं हैं। जबकि वे हर दृष्टि से इन पदों के योग्य हैं । इसलिए उन्हें परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकता।