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Uttarakhand Heavy Rain: लासी-सरतोली सड़क पर आया मलबा, 30 गांवों की आवाजाही बंद, ग्रामीणों को चलना पड़ा चार किमी पैदल
Tue, 28 Jun 2022 08:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोपेश्वर/चमोली
अमर उजाला नेटवर्क, गोपेश्वर/चमोली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Jun 2022 08:24 AM IST
सार
रविवार रात को फरस्वाणफाट क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जो सोमवार सुबह आठ बजे तक होती रही। बारिश से गदेरों का मलबा लासी-सरतोली सड़क पर आ गया। ऐसे में 30 से अधिक गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
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Uttarakhand Heavy Rain
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोपेश्वर के दशोली ब्लाक के 30 से अधिक गांवों को यातायात से जोड़ने वाली लासी-सरतोली सड़क भारी बारिश के दौरान जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गई है। पहली बारिश में ही कई जगहों पर गदेरों का मलबा सड़क पर फैल गया है। सोमवार को दिनभर यहां वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी रही, जिससे ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए करीब चार किलोमीटर तक पैदल दूरी तय करनी पड़ी।
रविवार रात को फरस्वाणफाट क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जो सोमवार सुबह आठ बजे तक होती रही। बारिश से गदेरों का मलबा लासी-सरतोली सड़क पर आ गया। ऐसे में 30 से अधिक गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
टैक्सी चालक नवीन बिष्ट का कहना है कि पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क पर जगह-जगह गदेरों पर कॉजवे नहीं हैं। जहां कॉजवे है, वहां बीते वर्ष की आपदा में आया मलबा पड़ा है, जिससे थोड़ी बारिश होने पर भी सड़क पर मलबा फैल जाता है।
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सुरेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वे सुबह चमोली बाजार आ रहे थे लेकिन सड़क बंद होने के कारण उन्हें चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। कई अन्य ग्रामीण भी पैदल चलकर अपने गंतव्य को पहुंचे। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई परशुराम चमोली का कहना है कि सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है। जल्द ही सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।
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रविवार रात को फरस्वाणफाट क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जो सोमवार सुबह आठ बजे तक होती रही। बारिश से गदेरों का मलबा लासी-सरतोली सड़क पर आ गया। ऐसे में 30 से अधिक गांवों की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
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टैक्सी चालक नवीन बिष्ट का कहना है कि पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क पर जगह-जगह गदेरों पर कॉजवे नहीं हैं। जहां कॉजवे है, वहां बीते वर्ष की आपदा में आया मलबा पड़ा है, जिससे थोड़ी बारिश होने पर भी सड़क पर मलबा फैल जाता है।
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सुरेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वे सुबह चमोली बाजार आ रहे थे लेकिन सड़क बंद होने के कारण उन्हें चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। कई अन्य ग्रामीण भी पैदल चलकर अपने गंतव्य को पहुंचे। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई परशुराम चमोली का कहना है कि सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है। जल्द ही सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।