फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand: Harak Singh said - CM, Board President, Minister or Minister of State not right to remove Secretary

उत्तराखंड: हरक सिंह बोले- सीएम, बोर्ड अध्यक्ष, मंत्री या राज्य मंत्री को नहीं सचिव को हटाने का अधिकार 

Fri, 30 Oct 2020 11:39 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 30 Oct 2020 11:39 PM IST
सार

  • हरक सिंह ने कहा-वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष ने अज्ञानता में उठाया कदम 
  • बोर्ड के पास ही हैं सारे अधिकार, प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया
  • सदस्यों के बरकरार रहने का दावा, जल्द लिख कर जताएंगे विरोध

विज्ञापन
Uttarakhand: Harak Singh said - CM, Board President, Minister or Minister of State not right to remove Secretary
हरक सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मंत्री हरक सिंह ने भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के सचिव पद से दमयंती रावत को हटाने के तरीके पर सवाल उठाया है। हरक का कहना है कि बोर्ड की नियमावली के तहत किसी को हटाने की खास प्रक्रिया है। अज्ञानता या अन्य कारण से वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया। हरक ने यह भी कहा कि बोर्ड के सदस्य अभी बरकरार हैं। 

विज्ञापन


बोर्ड के पुनर्गठन से नाराज हरक सिंह बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मिले थे। रावत ने इस मुलाकात के बाद कहा था कि उनकी बात पूरी नहीं हो पाई है और अब दोबारा मुलाकात के बाद वे इस पर कुछ कहेंगे।
विज्ञापन



यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के सचिव पद से दमयंती रावत को भी हटाया
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रवार को भी हरक सिंह ने इस मामले में बोर्ड के पुनर्गठन और सचिव पद से दमयंती रावत को हटाए जाने पर ही सवाल खड़ा कर दिया। हरक ने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष को असीमित अधिकार हैं, लेकिन अध्यक्ष को एक प्रक्रिया का पालन भी करना होता है। दमयंती को हटाने में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 

श्रम मंत्री ने बोर्ड के सदस्यों को हटाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि बोर्ड के सदस्य उन्हें लिखकर देने वाले हैं। बोर्ड के सदस्य सरकार की ओर से नामित हैं। बोर्ड की 2005 की नियमावली साफ कहती है कि जब तक नए सदस्य नियुक्त नहीं होते हैं तब तक पूर्व के सदस्य अपने पद पर बने रहेंगे। बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल वैसे भी चार साल का है। 

बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष को भी लिया निशाने पर

श्रम मंत्री ने बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष सत्याल को भी निशाने पर लिया। हरक सिंह ने कहा कि वर्तमान बोर्ड के अध्यक्ष की अज्ञानता ही है कि उन्होंने बिना प्रक्रिया अपनाए दमयंती रावत को सचिव पद से हटाया। पूर्व में बोर्ड ने बैठक कर प्रस्ताव पारित किया था और श्रम मंत्री के अनुमोदन के बाद शासन ने उन्हें बोर्ड का सचिव बनाया था। उन्हें पद से मुख्यमंत्री, शासन या बोर्ड अध्यक्ष नहीं हटा सकता। 

कैबिनेट का दिया उदाहरण
श्रम मंत्री ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए कैबिनेट का उदाहरण दिया। हरक ने कहा कि मुख्यमंत्री को असीमित अधिकार हैं, लेकिन किसी प्रस्ताव के लिए उन्हें कैबिनेट की प्रक्रिया से गुजरना ही होता है। हरक सिंह ने दावा किया कि उन्होंने यह बात मुख्यमंत्री से भी कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed