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Uttarakhand E-Library: अब एक क्लिक पर मिलेगी विधानसभा के विधायी और सदन की कार्यवाही की जानकारी

Thu, 13 Jul 2023 07:13 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 13 Jul 2023 07:13 PM IST
सार

विधानसभा सभागार में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने विधानसभा के नवनिर्मित पुस्तकालय व नवीन वेबसाइट का लोकार्पण किया।

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Uttarakhand Governor Gurmeet singh Inaugurated assembly E library
ऑनलाइन - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड विधानसभा के विधायी कार्यों, सदन की कार्यवाही से संबंधित जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी। इसके साथ विधानसभा में ई-लाईब्रेरी से देश-विदेश के प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तक व शोध पर आधारित पुस्तक उपलब्ध होंगी।

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विधानसभा सभागार में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने विधानसभा के नवनिर्मित पुस्तकालय व नवीन वेबसाइट का लोकार्पण किया। पुस्तकालय में लगभग 25 हजार से ऊपर पुस्तकों का समावेश किया गया है। जिसमें संविधान एवं कानून, लोक प्रशासन और सामान्य ज्ञान समेत विभिन्न विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। पुस्तकालय में पुस्तकें डिजिटल और प्रिंट दोनों रूप में उपलब्ध होंगी। राज्यपाल ने भी विधानसभा पुस्तकालय के लिए 108 पुस्तकें देने की घोषणा की।
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राज्यपाल ने कहा, पुस्तकों में मां सरस्वती का वास होता है। पुस्तकालय एक ज्ञान का मंदिर है। यह ज्ञान हमारी सोच, विचार और धारणा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। हमें हर एक जिज्ञासा और प्रश्न का उत्तर पुस्तकों से प्राप्त होता है।

विधानसभा पुस्तकालय से विधायकों को संसदीय कार्यों में सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पुस्तकालय में उपलब्ध विशिष्ट पुस्तकों के अध्ययन से उन्हें सामाजिक कार्यों में भी लाभ होगा। राज्यपाल ने कहा, टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए शोध पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हम जितनी गहराई में जाकर सोचेंगे, उतना ही बेहतर काम करेंगे।

दिमाग के लिए खुराक का काम करती है पुस्तकें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधानसभा में इस पुस्तकालय के माध्यम से सभी निर्वाचित सदस्य अपनी संसदीय समस्याओं के समाधान के साथ ही संसदीय परंपराओं एवं सदन के भीतर होने वाली कार्यवाही के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पुस्तकों का नियमित अध्ययन करने की आदत सभी की होनी चाहिए। पुस्तकें हमारे दिमाग के लिए खुराक का कार्य भी करती हैं। उलझनों को सुलझाने में भी पुस्तकें अहम भूमिका निभाती हैं। कई बार सदन में राजनीतिक संकट के समाधान के लिए भी नियमावली पुस्तक को देखते हैं। पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों से कार्यसूची के अनुसार सदन की कार्यवाही की जानकारियां व पुराने अभिलेखों से अनेक लोगों का मार्गदर्शन होगा

मां से मिली पुस्तकालय की प्रेरणा:ऋतु खंडूड़ी
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि विधानसभा में ई-लाइब्रेरी बनाने की प्रेरणा मां से मिली है। कहा, जब यमकेश्वर से पहली बार विधायक बनीं तो मां कहती थीं सड़क, बिजली, पानी की बात सब करते हैं लाइब्रेरी की बात कोई नहीं करता है। पुस्तकालय से ज्ञान के साथ व्यक्तित्व विकास होता है। खंडूड़ी ने कहा जब उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला, उस समय विधानसभा लाइब्रेरी में 5 से 6 हजार किताबें थी। आज 25 हजार से अधिक पुस्तकों का संकलन है। उन्होंने मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों से अपील की है कि पुस्तकालय में आकर अध्ययन करें। आने वाले समय में रिसर्च और स्कॉलर्स को भी पुस्तकालय का लाभ ले सकेंगे। इस पुस्तकालय को देश की अन्य विधानसभाओं की लाइब्रेरी व संसद की लाइब्रेरी से भी जोड़ा जाएगा। विधानसभा की नई वेबसाइट www.vidhansabha.gov.in पर लोगों को विधायी व सदन की कार्यवाही व प्रश्न उत्तर एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे।

बिना भेदभाव के काम कर रहे सीएम धामी
बसपा विधायक एवं विधानसभा पुस्तकालय समिति अध्यक्ष शहजाद ने कहा कि राजनीति में ऐसा भाग्य कम ही लोगों को मिलता है, जैसा धामी को मिला है। लेकिन धामी अच्छा काम कर रहे हैं। इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं है। 2002 में पहली बार विधायक बना। उस समय कोई अनुभव नहीं था। विपक्ष की मांग पर रुड़की के एक बड़े मामले में तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री इन्दिरा हृदयेश ने मजिस्ट्रेट को निलंबित भी कर दिया है। अब ऐसा कम ही देखने को मिलता है।

जीवन का सार है पुस्तक :नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि पुस्तक जीवन का सार है। जो हमारी मानवीय मूल्यों की धरोहर है। विधानसभा का नवीन पुस्तकालय से विधायकों को भी विधायी कार्यों व संसदीय कार्यों का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।

ये रहे मौजूद
कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत समेत विधायक, विधानसभा के प्रभारी सचिव हेम चंद आदि मौजूद थे।

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